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प्रदेश की सीमेंट कंपनियों ने बीते साल सीमेंट की कीमत में भारी इजाफा कर दिया था। प्रदेश में सप्लाई कम, दूसरे राज्यों में जा रहा ज्यादा माल। 

रायपुर। एक बार फिर से बीते साल की तरफ मानसून में सभी सीमेंट कंपनियां दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। एक कंपनी ने तो 20 रुपए कीमत बढ़ा दी है, बाकी कंपनियां भी कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं। वैसे नए साल में सीमेंट के दाम एक बार भी नहीं बढ़े हैं। अब कीमत में सभी कंपनियां 20 रुपए का इजाफा करने की तैयारी में हैं। कंपनियां कारोबारियों से कह रही है, 20 रुपए ज्यादा कीमत पर माल बेचें, हालांकि कारोबारी तैयार नहीं हो रहे हैं, क्योंकि डिमांड ही नहीं के बराबर है। अगर कीमत ज्यादा बताएंगे तो ग्राहक और कम हो जाएंगे। प्रदेश की सीमेंट कंपनियां प्रदेश के कारोबारियों को कम माल दे रही हैं और बाहर के राज्यों में ज्यादा माल भेज रही हैं, क्योंकि बाहर के राज्यों में काम चल रहा है।

प्रदेश की सीमेंट कंपनियों ने बीते साल सीमेंट की कीमत में भारी इजाफा कर दिया था। इतिहास में पहली बार अक्टूबर में सीमेंट की कीमत साढ़े तीन सौ रुपए से पार होकर चिल्हर में 370 रुपए हो गई थी। कंपनियों ने मानसून के समय सितंबर में जहां 35 रुपए कीमत बढ़ाई वहीं अगस्त के अंत में ही 20 रुपए कीमत बढ़ाई गई थी। दस दिनों में कीमत में 55 रुपए का इजाफा हो गया था। कीमत में और इजाफा करने की तैयारी थी, लेकिन डिमांड न होने के कारण कीमत नहीं बढ़ाई गई। जब खरीदारों ने हाथ खड़े कर दिए तो कीमत कुछ कम करने का दौर प्रारंभ हुआ। इसके बाद कीमत कम होते-होते साल के अंत में कीमत बहुत कम हो गई और ब्रांडेड सीमेंट तक 300 से 305 रुपए तक हो गया।

अभी बीते साल की ही कीमत

नए साल में सीमेंट की कीमत में एक बार भी इजाफा नहीं हुआ है। बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करने वालों का कहना है, इस समय डिमांड बहुत कम है। जिन कारोबारियों के यहां रोज का एक ट्रक तक माल बिक जाता था, उनके यहां मुश्किल से 50 से 60 बोरी ही बिक रहा है। इसी के साथ छोटे कारोबारियों के यहां तो कई-कई दिनों तक एक बोरी सीमेंट भी नहीं बिक रहा है। इस समय दाम बीते साल वाले ही हैं। लोकल सीमेंट जहां चिल्हर में 280 रुपए के अंदर है, वहीं ब्रांडेड कंपनियों का सीमेंट 300 से 305 रुपए में मिल रहा है।

अब कीमत बढ़ाने की तैयारी

कारोबारियों का कहना मार्च क्लोजिंग होने के कारण सीमेंट कंपनियों का अपना बीते साल का कोटा पूरा हो गया। इसके बाद डिमांड न होने के कारण दो माह कीमत में इजाफा नहीं किया गया। लेकिन अब कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं। कंपनियों का हर माह का अपना कोटा रहता है, कोटा पूरा करने के लिए आमतौर पर कीमत बढ़ाने की बात करके डीलरों को माल बेच दिया जाता है। इसके बाद कई बार कीमत बढ़ा देते है और कई बार कीमत में इजाफा नहीं भी किया जाता है। एक कंपनी ने कीमत बढ़ा दी है, पर कारोबारी माल नहीं उठा रहे हैं।

 

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