पंकज गुप्ते- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों को लेकर उठा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। साड़ियों की खराब गुणवत्ता की शिकायतें सामने आने के बाद शासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें बदलने का निर्देश दिया है। इसके बाद अब बड़ी संख्या में कार्यकर्ता खराब साड़ियां विभाग में वापस जमा कर रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, साड़ी वितरण को लेकर सामने आए कथित घोटाले के बाद विभाग हरकत में आ गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई थी। कई जगहों से यह शिकायत मिली थी कि साड़ियां न सिर्फ मानक से कम लंबाई की थीं, बल्कि उनका कपड़ा भी घटिया था और धोते ही रंग उतर रहा था।
साड़ियों को रिप्लेस करने का आदेश जारी
मामले के तूल पकड़ने और खुलासे के बाद शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन साड़ियों को रिप्लेस करने का आदेश जारी किया। इसके तहत अब संबंधित कार्यकर्ता और सहायिकाएं खराब साड़ियों को विभाग में वापस जमा कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी साड़ियों की वापसी और नई साड़ियों के वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि, जल्द ही सभी लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता की साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
क्वालिटी को लेकर उठे सवाल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए जांच के निर्देश
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों को लेकर प्रदेशभर में विवाद गहराता जा रहा है। साड़ियों की गुणवत्ता पर उठे सवाल अब सियासी रंग ले चुके हैं, जहां एक ओर कार्यकर्ता नाराज़ हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार सफाई और कार्रवाई दोनों का भरोसा दे रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा मिली साड़ियों की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि, साड़ियां तय माप से कम हैं और उनका कपड़ा भी बेहद कमजोर है, जो धोने पर रंग छोड़ रहा है।
कई जगहों से साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिली- राजवाड़े
इन आरोपों के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने माना कि, कई जगहों से साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिली हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि सभी साड़ियां खराब नहीं हैं। मंत्री ने बताया कि, उन्होंने स्वयं साड़ी का उपयोग कर उसकी गुणवत्ता जांची है, जिसमें कोई बड़ी समस्या नहीं पाई गई।
नई साड़ियां देने के अधिकारियों को दिए निर्देश
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां से शिकायतें प्राप्त हुई हैं, वहां खराब साड़ियों को बदलकर नई साड़ियां देने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
राजवाड़े ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। मंत्री राजवाड़े ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस शासनकाल में साड़ी वितरण में भ्रष्टाचार आम बात थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, उस समय वितरित साड़ियां पहनने लायक तक नहीं होती थीं और उनका इस्तेमाल मछली पकड़ने जैसे कामों में किया जाता था।फिलहाल, साड़ी वितरण को लेकर उठे इस विवाद ने सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।