दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में सर्चिग पर निकली एसटीएफ की ने आग से झुलसी महिला को इलाज के लिए हास्पिटल पहुंचाया। 

गणेश मिश्रा- बीजापुर। जिले तैनात एसटीएफ टीम ने नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ मानवता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। एसटीएफ कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने सर्चिग के दौरान एक गंभीर रूप से झुलसी हुई ग्रामीण महिला की जान बचाकर उसे नया जीवन दिया है।

गौरतलब है कि, एसटीएफ की टीमें नक्सल ऑपरेशन के लिये जिला दंतेवाड़ा के अंदरूनी क्षेत्रों में सर्चिग पर निकली थी। सचिंग के दौरान ग्राम पुरंगेल पहुँचे, तब उनका सामना एक ऐसी ग्रामीण महिला से हुआ जो 10-15 दिवस पूर्व आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी। इस हादसे में महिला की कमर से ऊपर तक का हिस्सा काफी गंभीर रूप से जल गया था। सही इलाज न मिल पाने के कारण महिला की स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। महिला की पीड़ा और गंभीर स्थिति को देखते हुए एसटीएफ टीम के कमांडर ओम प्रकाश सेन ने बिना समय गंवाए मानवीय संवेदना दिखाते हुए महिला के परिवार को राशन एवं आर्थिक सहायता प्रदान किया और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 

महिला को कंधे पर अस्पताल लेकर जाते एसटीएफ जवान 

चारपाई को कांवड़ बनाकर जवानों ने किया रेस्क्यू
जवानों ने चारपाई का कावड़ बना कर महिला को सुरक्षित तरीके से दुर्गम रास्तों से बाहर निकालते हुए हिरोली गांव तक लाये और हिरोली गांव में पहले से बुलाई गई एम्बलेस से घायल महिला को किरन्दुल अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा महिला की स्थिति देखते हुए प्राथमिक उचार कर जिला अस्पताल दंतेवाड़ा के लिये रैफर कर दिया। एसटीएफ टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल महिला को जिला अस्पताल, दंतेवाड़ा में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल दंतेवाड़ा के चिकित्सकों द्वारा घायल महिला की स्थिति का जायजा लेकर 40-50 प्रतिशत जलना बताया गया और जले हुए अधिक दिन होने और सही उपचार ना मिलने के कारण जले हुए स्थानों में कीड़े पड़ना बताया गया। चिकित्सकों द्वारा मानवता की मिसाल पेश करने पर एसटीएफ टीम को धन्यवाद दिया गया।

घायल महिला का है 3 माह का बेटा
विशेष बात यह है कि, घायल महिला का एक 3 माह का मासूम बेटा भी है। सुरक्षाबलों ने न केवल महिला को अस्पताल पहुँचाया, बल्कि अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मां और बच्चे दोनों की देखभाल और समुचित उपचार सुनिश्चित किया है। वर्तमान में महिला का उपचार विशेषज्ञों की देखरेखा में जारी है और उसकी स्थिति में जल्द ही सुधार हो जायेगा। 

महिला को लेकर जाते एसटीएफ जवान 

एसपी ने एसटीएफ की पहल को सराहा
त्रिलोक बंसल, भा.पु.से., पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा अपनी टीम के इस मानवतापूर्ण कार्य की सराहना करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हमारे जवानों ने अदम्य साहस के साथ-साथ अत्यंत मानवीय संवेदना का परिचय दिया है। कंपनी कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने जिस तत्परता से गंभीर रूप से झुलसी ग्रामीण महिला को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया, वह काबिले तारीफ है।

ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी मदद हमारा उद्देश्य 
उन्होंने कहा कि, हमारा प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाली के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी मदद करना है। उस महिला और उसके तीन माह के मासूम बच्चे की स्थिति को देखते हुए जवानों ने जो त्वरित निर्णय लिया, उससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा। महिला के समुचित इलाज के लिए हमने अस्पताल प्रबंधन से निरंतर संपर्क बनाए रखा है। हम उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। एसटीएफ की इस तत्परता की स्थानीय ग्रामीणों और जिला प्रशासन द्वारा काफी सराहना की जा रही है।