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रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के कामकाज में अब एक नए डिजिटल युग की शुरुआत हो गई है। राज्य के लोगों को राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं भुइयां वाट्सएप चैटबॉट से घर बैठे मोबाइल पर ही मिल सकेगी। यही नहीं, अब जमीनों के डायवर्सन के लिए एसडीएम दफ्तर के चक्कर भी नहीं लगाने होंगे। यह काम ऑटोमेटिक सिस्टम से होगा। डायवर्सन के लिए आनलाइन आवेदन के बाद 15 दिनों में यह काम अफसर को करना होगा, नहीं करने पर ऑटोमेटिक तरीके से डायवर्सन हो जाएगा। दस्तावेज घर पर ही मिलेगा।
राजस्व मंत्री ने किया सेवा का शुभारंभ
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 9 फरवरी को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉटऔर आटो डायवर्सन सुविधा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभिनव डिजिटल सेवा के माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के नागरिक अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी सरलता से प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल राज्य में ई-गवर्नेस पारदर्शिता, और नागरिक सुविधा को और अधिक मजबूत करेगी।
ये मोबाइल नंबर आएगा काम
इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर वाट्सएप पर संदेश भेज सकते हैं। चैटबाट तुरंत आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
ये जानकारी, दस्तावेज मिलेंगे वाट्सएप पर
भुइयां वाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से राजस्व विभाग से संबंधित जानकारी और दस्तावेज वाट्सएप पर घर बैठे मिल जाएंगे। इस सुविधा के माध्यम से ये काम किए जा सकते हैं। जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने हेतु सुविधा, आधार नंबर जोडने हेतु ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब हेतु आवेदन और नामांतरण हेतु आवेदन किए जा सकेंगे।
अब घर बैठे हो जाएगा जमीन का डायवर्सन
अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालय के चक्कर लगाए, अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम एवं शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और सहज होगी। भुगतान के लिए ई-चालान की सुविधा उपलब्ध है, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का अपलोड अनिवार्य है, जो प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं। प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता, आवेदन जमा होते ही वह स्वचालित रूप से संबंधित सक्षम अधिकारी के पास परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। यदि निर्धारित समय में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्जन प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिको को अनावश्यक इंतजार से राहत मिलेगी। नागरिक हित में सुरक्षा प्रावधान के तहत यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा सूचना दी जाएगी।
