भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापुपर तहसील मुख्यालय के पास कन्हारगांव वनोपज नाका के पास रविवार 09 फरवरी को रात्रि 8 बजे सांसद भोजराज नाग जाम में फंस गए। जाम को बहाल करने वाले आरक्षक पर सांसद जमकर बरसे। कहा तुम वसूली में मस्त रहते हो। वीआईपी जाम में फंसा रहता है। तुम्हारे खिलाफ कार्यवाही कराऊंगा। आरक्षक पर कार्यवाही के लिए भानुप्रतापपुर थाना पहुँचकर सांसद आवेदन लिखने लगे। खबर मिलते ही आईपीएस प्रशिक्षु संदीप पटेल और एसडीओपी थाना पहुंच गए, वहाँ पर भी सांसद जमकर भरसे।
सासंद भोजराज नाग आरक्षक पर जमकर बिफरे और खरी खोटी सुनाया। यह भी कहा कि माइंस की गाड़यों को रोककर वसूली भी करते हो, टीआई पर भी जमकर बरसे, कुछ देर में ही वीडियो मीडिया में वायरल हो गया। भाजपा की सरकार और भाजपा के सांसद के बिफरने का वीडियो उनके साथ चल रहे भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी ने बनाया और सोशल मीडियो में वायरल किया। सांसद वहां से तत्काल भानुप्रतापपुर थाना पहुंच गए और खुद थाना प्रभारी के चेम्बर में पहुंच गए और खुद आवेदन लिखा।
सबकी सहमति से नो इंट्री थाना प्रभारी रामेश्वर
देशमुख ने कहा प्रति सप्ताह हर रविवार भानुप्रतापपुर बाजार रहता है। जनप्रतिनिधियों और लोगों की मांग पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू करने कन्हारगांव के पास रात्रि 8 बजे नो एंट्री लगाई जाती है, जैसे ही वाहनों को जाने दिया गया, इसी बीच सांसद पहुंचे थे। चुनाव रैली आदि से भी ट्रैफिक का दबाव ज्यादा था। जानकारी मिलते ही ट्रैफिक बहाल कर दिया गया।
सांसद ने कहा मुझे एक घंटे रोककर रखा
पत्रकारों से बात करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कहा मैं अंतागढ़ से कांकेर जा रहा था। भानुप्रतापपुर नाका के पास माइंस की बड़ी बड़ी गाड़यिों ने मुझे एक घंटे रोककर रखा रहा। मुझे जेड श्रेणी सुरक्षा है, यहां के पुलिस प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। एएसपी को कार्यवाही करने को कहा है। साथ में यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोलिंग गाड़ी डीजल बचाने में लगी रहती है। आम लोग भी परेशान होते हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पहुंचे
इसके बाद आनन फानन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल और एसडीओपी भी पहुंचे, यहाँ भी सांसद शांत नहीं हुए, यहां भी पुलिस पर जमकर बरसे और थाना प्रभारी पर कार्यवाही करने को कहा। थाना प्रभारी मौके पर बताने की कोशिश कर रहे थे कि रविवार को भानुप्रतापपुर साप्ताहिक बाजार रहता है, इसलिए नो एंट्री करनी पड़ती है। और प्रचार की अंतिम दिन में रैली आदि के कारण ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भारी वाहनों को रोक दिया था, उन्हें रात्रि 8 बजे ही छोड़ा गया था। इससे ट्रैफिक जाम हो गया था।