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बगैर महंगी कोचिंग ज्वाइन किए घर पर ही 18 घंटे की कड़ी मेहनत कर यूपीएससी में 40वां रैंक हासिल करने वाली पंडरीपानी गांव की प्रियंका युवाओं के लिए मिसाल बन गई।

जगदलपुर। बगैर महंगी कोचिंग ज्वाइन किए घर पर ही 18 घंटे की कड़ी मेहनत कर यूपीएससी में 40वां रैंक हासिल करने वाली पंडरीपानी गांव की प्रियंका युवाओं के लिए मिसाल बन गई है। जगदलपुर कलेक्टोरेट में भृत्य के पद पर पदस्थ पिता घासीराम और गृहिणी लक्ष्मी की आर्थिक स्थिति को समझकर प्रियंका ने घर पर ही पढ़ाई करने की ठानी और सफलता हासिल की। तीन दिन पहले आए यूपीएससी का परिणाम के बाद प्रियंका को बधाई देने वालों का तांता लगा है। प्रियंका अब जियोलॉजिस्ट हैं। माडिया जनजाति से इस ओहदे तक पहुंचने वाली प्रियंका बस्तर की इकलौती सफल छात्रा हैं। सोमवार शाम को यूपीएससी द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में प्रियंका कश्यप का जियोलॉजिस्ट के पद पर चयन हुआ है। बेहद सामान्य परिवार से आने वाली प्रियंका कश्यप ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त भू वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण होकर अपने माता-पिता सहित बस्तर को गौरवान्वित किया है।

लक्ष्य हमेशा बड़ा होना चाहिए

विपरीत परिस्थितियों से उभर का सफलता हासिल करने वाली प्रियंका कहती हैं कि परीक्षार्थियों को स्वयं पर विश्वास होना अनिवार्य है, बिना आत्मविश्वास के आगे बढना असंभव है। प्रियंका ने कहा कि लक्ष्य हमेशा बड़ा होना चाहिए, लक्ष्य अगर बड़ा होगा तो मुकाम भी बड़ा हासिल होगा।

बिना कोचिंग हासिल की 40वीं रैंक

बस्तर जिले के बिरिंगपाल के सामान्य परिवार की बेटी प्रियंका की प्राथमिक शिक्षा भडिसगांव, माध्यमिक शिक्षा और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पंडरीपानी के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा भी उन्होंने जगदलपुर के शासकीय पीजी कॉलेज से पूरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद से वह स्व-अध्ययन में जुट गयीं एवं अपने गुरूजनों एवं विभागीय अधिकारियों से लगातार मार्गदर्शन प्राप्त करती रहीं। पहले प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने में कामयाब हो गई।

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