कॉल सेंटर की आड़ में ठगी करने वाले एक इंटरनेशनल रैकेट के 40 के करीब जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 

रायपुर। कॉल सेंटर की आड़ में ठगी करने वाले एक इंटरनेशनल रैकेट के 40 के करीब जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जालसाज अमेनजन तथा एप्पल कंपनी के कस्टमर केयर ग्राहक प्रतिनिधि बनकर अमेरिका तथा यूरोप के लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। ठगी का कॉल सेंटर रायपुर में कब से संचालित हो रहा था। फिलहाल पुलिस ने इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की है। कॉल सेंटर की आड़ में ठगी को लेकर पुलिस गुरुवार को महत्वपूर्ण खुलासा कर सकती है।

पुलिस ने गंज थाना क्षेत्र के पिथालिया कांपलेक्स और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र सहित कांपलेक्स तथा राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र सहित अंजली टॉवर के चार अलग-अलग फ्लोर में संचालित कॉल सेंटर में छापे की कार्रवाई की है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की है। लंबे समय तक कॉल सेंटर में निगरानी करने के बाद पुलिस ने वहां कार्रवाई की है। पकड़े गए जालसाज महज 20 से 25 साल उम्र के युवा हैं। पुलिस को जो जानकारी मिली है, कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के अलग-अलग एजेंसी के माध्यम से हायर किए गए थे।

कॉल सेंटर रात के समय संचालित करते थे
जालसाज रात के समय कॉल सेंटर संचालित करते थे, ताकि अमेरिकी और यूरोपीय समय के अनुसार लोगों से संपर्क किया जा सके। ठगी के लिए उन्हें लोन दिलाने, रिफंड प्रोसेस करने और टेक्निकल सपोर्ट देने का झांसा देते थे। ठगी के कॉल सेंटर का असल संचालक कौन है, पुलिस को इसकी अब तक जानकारी नहीं मिल पाई है। संचालक के संबंध में पुलिस जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

गूगल सर्च में मिलता जुलता नंबर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को अमेजन और एप्पल के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाते थे। गिरोह द्वारा इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर से मिलता जुलता नंबर इस तरह से अपलोड किए जाता था कि वे गूगल सर्च में ऊपर दिखाई दें। जब विदेशी नागरिक तकनीकी सहायता या रिफंड के लिए इन नंबरों पर कॉल करते थे, तो कॉल सेंटर में मौजूद डायलर उनसे संपर्क कर ठगी को अंजाम देते थे।

गूगल ट्रांसलेट बना ठगी का माध्यम
अमेरिकन, यूरोपियन लोगों के साथ ठगी करने वाले लड़कों को अंग्रेजी बोलना, लिखना नहीं आता। अमेरिकन, यूरोपियन लोगों के कॉल आने पर कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के कॉल ड्राप कर उनके मोबाइल में मैसेज तथा मेल भेज कर संपर्क करते थे। संपर्क करने हिंदी में लिखे मैसेज को गूगल ट्रांसलेट से ट्रांसफर कर भेजते थे। इसी तरह से अमेरिकन, यूरोप से अंग्रेजी में आए मैसेज को हिंदी में ट्रांसलेट कर जवाब भेजते थे। ठगी के कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़कों की सैलेरी महज 15 से 20 हजार रुपए थी।

महाराष्ट्र, राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ में नेटवर्क
फर्जी कॉल सेंटर की आड़ में अमेरिकन तथा यूरोपियन नागरिकों के साथ ठगी करने राजस्थान, जयपुर, महाराष्ट्र, मुंबई के बाद रायपुर में बड़ा खुलासा है। ठगी रैकेट संचालित करने वाले रैकेट का मास्टर माइंड गुजरात, अहमदाबाद निवासी किसी रोहित यादव का नाम सामने आया है। कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़कों ने महज 10-12वीं तक पढ़ाई की है।