A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
कुश अग्रवाल-बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार हिंसा के बाद गिरफ्तारियों का दौर जारी है। शनिवार को भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले कुल 151 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े गिरफ्तार
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े के साथ ही भीम आर्मी का एक और सदस्य राजकुमार सतनामी और ग्राम पंचायत कारी के सरपंच पति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक 10 जून को आयोजित धरना-प्रदर्शन के आयोजनकर्ताओं में भीम आर्मी सबसे बड़ा नाम था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक 148 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं 13 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
कई बड़े चेहरे हुए गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि, लगातार पुलिस तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उपद्रवियों की गिरफ्तारी कर रही है। अभी तक बलौदाबाजार पुलिस इस मामले में 148 लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों में सामाजिक नेता, राजनीतिक कार्यकर्ता, पत्रकार, जनप्रतिनिधि समेत कई लोग शामिल हैं। जो सीधे तौर पर बलौदाबाजार हिंसा की साजिश में शामिल थे। पुलिस इनको गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
भीड़ को भड़काने वाले नेता नुमा लोग हुए अंडरग्राउंड
कई सफेदपोश नेता जो इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे और उनका नाम सीधे तौर पर भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने और साजिश रचने के आरोपियों में शामिल हैं, वो गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं। जिन्हे ढूंढने के लिए पुलिस की अलग- अलग टीमें छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों की खाक छान रही है। इस टीम में डीएसपी स्तर तक के अधिकारी शामिल किए गए हैं। वहीं पुलिस के सूचना तंत्र द्वारा टेक्निकल मध्यम से भी इनके छुपे होने की जगह पर दबिश दे रही है। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही इस साजिश के चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
फंडिंग करने वाले हैं परेशान
इसके अलावा बताया जा रहा है कि, क्षेत्र के अनेक लोग ऐसे हैं जिन्होंने इस पूरे हिंसाकांड के लिए फंडिंग की थी। अब जब पुलिस की सख्ती दिख रही है तो इनमें से अनेक ऐसे हैं जिनको अपनी नौकरी से हाथ धो बैठने का खतरा दिखने लगा है।
