माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 15 मार्च को आयोजित बारहवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा विवादों में गहरी घिरती नजर आ रही है। 

रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 15 मार्च को आयोजित बारहवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा विवादों में गहरी घिरती नजर आ रही है। आरोप है कि 15 मार्च को हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान छात्रों को जो सेट-बी वितरित किया गया, उसके सवाल हूबहू हस्तलिखित प्रति में परीक्षा के एक रात पहले व्हॉट्सऐप ग्रुप में वायरल हो चुके थे। छात्र संगठनों के विरोध और हंगामे के बीच माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इसकी  एफआईआर कोतवाली थाने में करवा दी है, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस मामले को सुलझा नहीं पाई है।

 हरिभूमि ने उन छात्रों से बातचीत की, जिन्हें व्हॉट्सऐप पर यह लीक प्रश्नपत्र मिला था और जिसे उन्होंने अपने दोस्तों को भी साझा कर दिया था। छात्रों ने बातचीत में बताया कि ग्रुप के माध्यम से पहले भी कई विषय के प्रश्नपत्र आए थे। इंग्लिश विषय के प्रश्नपत्र भी शेयर हुए थे। छात्रों के मुताबिक, इंग्लिश विषय के प्रश्नपत्र भी उसी लिखावट में थे, जिस लिखावट में हिंदी का लीक प्रश्नपत्र था। हालांकि इंग्लिश विषय में सभी प्रश्न हूबहू नहीं आए, लेकिन ग्रामर के अधिकतर सवाल उससे पूछे गए थे।

इंस्टाग्राम के बाद एकेडमी के ग्रुप में हुआ साझा
जीनियस अकेडमी के व्हॉट्सऐप ग्रुप के स्क्रीनशॉट कई प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे हैं। लेकिन शुरुआत यहां से नहीं हुई थी। इससे पहले टेलीग्राम पर यह वायरल लीक पेपर अपलोड किया गया था। यहां से कई अलग-अलग व्हॉट्सऐप ग्रुप में यह साझा हुआ। अकेडमिक ग्रुप के अलावा छात्रों के व्यक्तिगत दोस्तों के ग्रुप में भी यहीं से साझा हुआ। जिन छात्रों से हरिभूमि से बातचीत की वे कोरबा, धमतरी और गरियाबंद के रहने वाले हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रश्नपत्र किसी जिले विशेष तक नहीं बल्कि पूरे छग में वायरल हुआ था।

डिलीट किए चैट
अधिकतर छात्रों ने इससे संबंधित चैट डिलीट कर दिए हैं। उनका कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ये लीक प्रश्नपत्र हैं। वे ऑनलाइन माध्यमों से पढ़ाई करते हैं। कई अकेडमी सैंपल पेपर या प्रैक्टिस पेपर भेजती रहती हैं। वे इसकी मदद से तय समय में लिखने की प्रैक्टिस करते हैं और अपनी तैयारियों का मूल्यांकन करते हैं। जो लीक पेपर उन्हें एक रात पहले मिला था, उसके संदर्भ में भी उन्हें यही लगा कि ये सैंपल पेपर हैं। अगले दिन जब बिल्कुल समान सवाल पूछे गए तब उन्हें प्रश्नपत्र लीक होने का अहसास हुआ। छात्रों के अनुसार, सभी परीक्षाएं होने के कारण उन्होंने सभी तरह के स्टडी मटेरियल स्टोरेज क्लियर करने के लिए डिलीट कर दिए हैं।