Samrat Choudhary Biography: बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। मंगलवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। सम्राट चौधरी कल, यानी बुधवार (15 अप्रैल) को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद बीजेपी ने सम्राट चौधरी पर भरोसा जताया है।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी वर्तमान में मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। नवंबर 2025 के चुनावों में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की थी। उन्होंने आरजेडी के उम्मीदवार को करीब 45 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। बिहार की राजनीति में प्रभावी 'कोइरी' समाज (OBC) से आने वाले सम्राट चौधरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है।
विरासत में मिली राजनीति
16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में जन्मे सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं, जबकि उनकी माता पार्वती देवी भी विधायक रही हैं। सम्राट चौधरी ने शुरुआती शिक्षा मुंगेर से पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वे 1990 के दशक में सक्रिय राजनीति में आए और 1995 के एक राजनीतिक आंदोलन के दौरान जेल भी गए।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए #भाजपा_बिहार_विधानमंडल_दल के #नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 14, 2026
यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं… pic.twitter.com/s4w1rlR2DU
लालू यादव की कैबिनेट से हुई राजनीतिक करियर की शुरुआत
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में की थी। साल 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री बने थे। साल 2000 में वे पहली बार परबत्ता सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने आरजेडी का साथ छोड़ दिया और जीतन राम मांझी की सरकार में नगर विकास मंत्री बने। साल 2017 में वे औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हुए और पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा।
पगड़ी वाला संकल्प
सम्राट चौधरी अपनी आक्रामक राजनीति और 'पगड़ी' वाले संकल्प के लिए काफी चर्चा में रहे। उन्होंने कसम खाई थी कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से नहीं हटा देंगे, तब तक अपनी पगड़ी नहीं खोलेंगे। जुलाई 2024 में अयोध्या की सरयू नदी में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने अपनी पगड़ी भगवान राम को समर्पित कर दी थी। उन्होंने तब कहा था कि नीतीश कुमार के गठबंधन बदलने और इस्तीफा देने के साथ ही उनका संकल्प पूरा हो गया है।
डिप्टी सीएम से सीएम की कुर्सी तक
बीजेपी में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी को साल 2018 में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। 2020 में वे विधान परिषद के सदस्य बने और 2022 में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाली। मार्च 2023 में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जनवरी 2024 में वे पहली बार उपमुख्यमंत्री बने और नवंबर 2025 में एनडीए सरकार की वापसी के बाद उन्हें गृह विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपा गया। अब वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व करने जा रहे हैं।










