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बिहार में 'काल बैसाखी' का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

Bihar Weather Alert: बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। अप्रैल की तपती दोपहर में आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया है, जिसे मौसम वैज्ञानिक 'काल बैसाखी' का असर बता रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवातीय सिस्टम के मिलन से राज्य के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ मौसम बेहद खराब हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए महा-अलर्ट जारी किया है।

इन 19 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

क्या है 'काल बैसाखी' और क्यों है यह खतरनाक?
काल बैसाखी अप्रैल और मई के महीने में आने वाला एक विनाशकारी तूफान है। यह तब बनता है जब उत्तर की ठंडी हवाएं और दक्षिण-पूर्व की गर्म-नम हवाएं आपस में टकराती हैं। इस टकराव से वातावरण में भारी अस्थिरता पैदा होती है, जिससे अचानक तेज आंधी और बिजली गिरना शुरू हो जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अगले दो-तीन दिनों तक सक्रिय रह सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।

पटना में उमस और बूंदाबांदी के आसार
राजधानी पटना के मौसम की बात करें तो यहां भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। पिछले 24 घंटों में औरंगाबाद के कुटुंबा में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कैमूर जिला 38.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।

किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इस समय खेतों में रबी की फसल कटाई का काम चल रहा है, ऐसे में तेज आंधी और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को खुले में न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थानों या गोदामों में शिफ्ट कर दें। विभाग के अनुसार, इस तूफान के थमने के बाद अप्रैल के मध्य तक पारा एक बार फिर 38 डिग्री के पार जा सकता है।

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