सांसद पप्पू यादव की जमानत पर पटना कोर्ट से राहत नहीं मिली है। पुलिस द्वारा कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी के पुराने मामले खोलने के बाद उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। अब शुक्रवार को होगी जमानत पर सुनवाई।

Pappu Yadav Jail News Update: सांसद पप्पू यादव की रिहाई के इंतजार के बीच पुलिस ने उनके खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान पटना पुलिस ने उनके खिलाफ कोतवाली थाने में साल 2017 और 2019 में दर्ज पुराने मामलों के साथ-साथ बुद्धा कॉलोनी थाने के एक नए मामले को भी पेश किया। कोर्ट ने इन सभी मामलों में पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत (Custody) में भेज दिया है।

इसका मतलब यह है कि अब सांसद को केवल एक नहीं, बल्कि इन सभी अलग-अलग केसों में अलग से जमानत लेनी होगी। उनके वकीलों का आरोप है कि उन्हें जान-बूझकर जेल में रखने के लिए पुलिस पुराने और प्रदर्शन से जुड़े मामलों को आधार बना रही है।

बम की अफवाह और बाधित हुई सुनवाई
पटना सिविल कोर्ट में गुरुवार को एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही। परिसर में बम होने की अफवाह और भारी गहमागहमी के बीच अदालती कार्यवाही प्रभावित हुई। इसके बावजूद, पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया गया जहाँ पुलिस ने उनके कस्टडी बढ़ाने की मांग की।

तीन प्रमुख मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उनकी रिहाई टल गई। हालांकि, गर्दनीबाग थाने से जुड़े एक पुराने मामले में उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी है, लेकिन शेष मामलों में फंसा पेंच उनकी आजादी में बाधा बना हुआ है।

आंदोलन से जुड़े हैं सभी मामले
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जिन मामलों में सांसद को दोबारा हिरासत में लिया गया है, वे सभी राजनीतिक आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों से संबंधित हैं। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उनकी कस्टडी बढ़ाने की साजिश रची है।

वकील ने बताया कि अब शुक्रवार को कोर्ट में नई जमानत याचिकाएं दायर की जाएंगी और उम्मीद जताई जा रही है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें राहत मिल जाएगी। फिलहाल, गुरुवार की रात भी उन्हें बेऊर जेल की कोठरी में ही बितानी होगी।

नीट मुद्दे पर बोलना पड़ा भारी?
पप्पू यादव की 6 फरवरी की रात हुई गिरफ्तारी के बाद से ही बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। 31 साल पुराने एक मामले में हुई इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी सवाल उठाए थे। समर्थकों का दावा है कि पप्पू यादव लगातार नीट (NEET) परीक्षा में छात्र की मौत के मुद्दे पर सरकार और पुलिस के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, इसीलिए उन्हें चुप कराने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तारी के वक्त हुए हंगामे को आधार बनाकर पुलिस ने उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का जो मामला दर्ज किया है, वह वर्तमान में उनकी जमानत में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।