Bihar Electricity Bill Recovery: बिहार में बिजली बिल के बड़े बकायेदारों के खिलाफ ऊर्जा विभाग ने अब 'आर-पार' की जंग शुरू कर दी है। ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और लापरवाही बरतने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अब विभाग की टीमें घर-घर जाकर बिलों की जांच करेंगी और बकायेदारों की सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा ताकि राजस्व के नुकसान को पूरी तरह रोका जा सके।
31 मार्च तक 200 करोड़ वसूली का बड़ा लक्ष्य
शुक्रवार को विद्युत भवन में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में ऊर्जा सचिव ने दोनों बिजली वितरण कंपनियों को सख्त डेडलाइन दी है। साउथ बिहार (SBPDCL) और नॉर्थ बिहार (NBPDCL) दोनों कंपनियों को 31 मार्च तक 100-100 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण करने का टास्क दिया गया है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले विभाग हर हाल में अपना राजस्व घाटा कम करना चाहता है, जिसके लिए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर काम करने को कहा गया है।
डिफाल्टर लिस्ट होगी अपडेट और कटेगा कनेक्शन
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिफाल्टर उपभोक्ताओं की लिस्ट को रोजाना अपडेट किया जाए ताकि कोई भी बड़ा बकायेदार कार्रवाई से छूट न पाए। इसके साथ ही राज्य भर में 'डबल कनेक्शन' के मामलों की पहचान कर उन्हें तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है। बकायेदारों के विरुद्ध केवल नोटिस ही नहीं, बल्कि कनेक्शन काटने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई का विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर ली गई है।
राजस्व नुकसान रोकने पर विभाग का जोर
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व नुकसान को रोकना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा जहाँ बिजली चोरी या बिलिंग में गड़बड़ी हो रही है। बैठक में दोनों वितरण कंपनियों के वरीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सभी फील्ड ऑफिसर मुस्तैदी से काम करेंगे। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अप्रिय कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपना बकाया बिल जमा कर दें।










