Chaiti Chhath Alert: चैती छठ से पहले पटना प्रशासन ने 8 घाटों को खतरनाक घोषित किया है। सुरक्षा के चलते गंगा में नाव चलाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। जानें पूजा का पूरा शेड्यूल और सुरक्षित घाटों की लिस्ट।

Chaiti Chhath 2026: लोक आस्था के महापर्व चैती छठ को लेकर बिहार की राजधानी पटना में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि, गंगा नदी के जलस्तर और घाटों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने इस बार 8 प्रमुख घाटों को 'खतरनाक' घोषित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन घाटों पर ढलान और गहराई अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं का जाना सुरक्षित नहीं है।

पटना के इन 8 घाटों पर जाने से बचें

  1. एलसीटी घाट
  2. राजापुर पुल घाट
  3. पहलवान घाट
  4. बांस घाट
  5. शिव घाट
  6. दीदारगंज घाट
  7. रिकाबगंज घाट
  8. बुंदेल टोली घाट

नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने गंगा नदी में अगले कुछ दिनों तक निजी और व्यावसायिक नावों के परिचालन पर रोक लगा दी है। महापर्व के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

Patna Chaiti Chhath Ghat Alert

चैती छठ 2026: महापर्व का पूरा कैलेंडर
इस साल चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से हो रही है। यहाँ देखें चार दिवसीय अनुष्ठान की महत्वपूर्ण तिथियां:

  • 22 मार्च (रविवार): नहाय-खाय (कद्दू-भात के साथ व्रत का आरंभ)
  • 23 मार्च (सोमवार): खरना (शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद और 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू)
  • 24 मार्च (मंगलवार): संध्या अर्घ्य (अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य)
  • 25 मार्च (बुधवार): सुबह का अर्घ्य (उदीयमान सूर्य को अर्घ्य और पारण)

प्रशासन की अपील: सुरक्षित घाटों का ही करें चयन
पटना के जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे पूजा के लिए केवल उन्हीं घाटों का चयन करें जिन्हें प्रशासन ने सुरक्षित घोषित किया है। खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि लोग वहां न जा सकें। साथ ही, जिला प्रशासन ने घाटों पर रोशनी, साफ-सफाई और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।