ms dhoni out controversy: चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब तीसरे अंपायर विनोद सेशन ने ऑन-फील्ड अंपायर क्रिस गफनी के 'आउट' के फैसले को बरकरार रखा और महेंद्र सिंह धोनी को पवेलियन लौटने का इशारा कर दिया। उम्मीद की जा रही थी कि UltraEdge पर हल्की सी स्पाइक दिखने के बाद यह निर्णय बदल जाएगा लेकिन तीसरे अंपायर ने काफी वक्त लेकर कई रीप्ले देखने के बाद कहा कि बल्ले से गेंद का कोई संपर्क नहीं हुआ था। 

धोनी 16वें ओवर में सुनील नारायण की गेंद पर सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए। UltraEdge पर स्पाइक दिखाई देने के बावजूद तीसरे अंपायर ने स्क्रीन के बाएं हिस्से पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह दिखाया कि बल्ले और पैड के बीच थोड़ा सा गैप था, जिससे धोनी के बचने की उम्मीदें खत्म हो गईं। HawkEye ने भी पुष्टि की कि गेंद लाइन में पिच हुई थी, इम्पैक्ट भी लाइन में था और गेंद स्टंप्स को हिट कर रही थी।

फैसले के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी CSK के फैंस ने तीसरे अंपायर की जमकर आलोचना की और इस फैसले पर सवाल खड़े किए। इस पूरे विवाद पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर मार्क बाउचर ने मिड-इनिंग शो के दौरान अपनी राय दी। उन्होंने कहा, 'जब मैं ऑन-एयर था, तब मैं हैरान था कि तीसरे अंपायर ने UltraEdge की स्पाइक को क्यों नहीं माना।'

बाउचर ने बताया कि उन्हें ब्रॉडकास्टर्स ने ऑफ-एयर होने के बाद समझाया कि तीसरे अंपायर सिर्फ स्पाइक नहीं देखते, बल्कि कई पैरामीटर को ध्यान में रखते हैं जैसे स्पाइक की लंबाई, गहराई और उसकी प्रकृति। ये सभी जांच मैच से पहले ही की जाती हैं जिससे अंपायर यह तय कर सके कि स्पाइक बल्ले से टकराने से हुआ है या फिर किसी और वजह से जैसे बल्लेबाज के जूते की आवाज़।

धोनी इस सीजन में नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद कप्तानी संभाल रहे हैं। उन्होंने अब तक CSK को 5 IPL खिताब और 2 चैंपियंस लीग ट्रॉफी जिताई है। लेकिन KKR के खिलाफ इस मुकाबले में उनकी टीम सिर्फ 103 रन ही बना सकी — जो CSK का चेपॉक स्टेडियम में अब तक का सबसे कम स्कोर है।