PSL Controversy: सिकंदर रज़ा ने पाकिस्तान सुपर लीग सिक्योरिटी ब्रीच मामले में खुद को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि शाहीन अफरीदी की गलती नहीं थी। पुलिस ने खिलाड़ियों पर नियम तोड़ने और अनधिकृत लोगों को कमरे में लाने का आरोप लगाया है।

PSL Controversy: पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जहां लाहौर कलंदर्स के खिलाड़ियों पर सुरक्षा नियम तोड़ने का आरोप लगा। हालांकि इस मामले में जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने खुद आगे आकर पूरी जिम्मेदारी ली और साफ कहा है कि इसमें शाहीन अफरीदी की कोई गलती नहीं।

दरअसल, पंजाब पुलिस की ओर से पीएसएल के चीफ एग्जीक्यूटिव सलमान नसीर को एक चिठ्ठी भेजी गई थी, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस चिठ्ठी में आरोप लगाया गया कि रज़ा और शाहीन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए कुछ अनधिकृत लोगों को जबरन होटल में रज़ा के कमरे तक पहुंचाया। लेकिन रज़ा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 

गलती मेरी थी शाहीन की नहीं: रजा
सिकंदर रजा ने कहा, 'शाहीन ने किसी को मजबूर नहीं किया। मेरे दोस्त और परिवार मुझसे मिलने आए थे और मेरी ही रिक्वेस्ट पर शाहीन ने उन्हें ऊपर आने में मदद की। अगर यह नियमों के खिलाफ था, तो मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। गलती मेरी है, शाहीन की नहीं।'

'मैंने पुराने दोस्तों को मिलने बुलाया था'
रज़ा ने बताया कि वे जिन लोगों से मिले, वे उनके करीब 19 साल पुराने दोस्त हैं। उन्होंने कहा कि पूरे साल वे अपने परिवार और रिश्तेदारों से नहीं मिल पाते, इसलिए जब वे मिलने आए तो उन्होंने कमरे में ही मिलने का फैसला किया। रज़ा के मुताबिक, वे करीब 40 मिनट तक कमरे में रहे जबकि पुलिस के पत्र में दावा किया गया है कि यह मुलाकात लगभग तीन घंटे चली।

इस मामले में लाहौर कलंदर्स के सूत्रों ने भी घटनाक्रम की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने जबरन एंट्री के आरोप को गलत बताया। उनका कहना है कि कोई जबरदस्ती नहीं हुई, बल्कि यह सामान्य मुलाकात थी।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। पीसीबी के मीडिया हेड उमर फारूक ने कहा कि बोर्ड इस घटना से अवगत है और पीएसएल अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। हालांकि अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड या पाकिस्तान सुपर लीग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पुलिस ने अपनी आधिकारिक चिठ्ठी में PSL प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में इस पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।