Rohit sharma drs delay controversy: मुंबई इंडियंस को जीत की पटरी पर लौटाने में रोहित शर्मा का अहम रोल रहा। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ भी अर्धशतक जमाया। लेकिन इसी मुकाबले में एक विवादास्पद DRS ने सोशल मीडिया पर रोहित को विलेन बना दिया।
मुंबई इंडियंस की पारी के दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद, फज़लहक फारूकी ने धीमी फेंकी जो रोहित के पैड पर जा लगी। अंपायर ने बिना देर किए उन्हें आउट करार दे दिया। रोहित ने तुरंत DRS लेने का इशारा किया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्होंने 'T' साइन तब किया जब 15 सेकंड का टाइमर खत्म हो चुका था। बस, इसी देरी को लेकर रोहित फैंस के निशाने पर हैं।
नियम क्या कहता है?
DRS लेने के लिए बल्लेबाज़ या फील्डिंग कप्तान को 15 सेकंड के अंदर रिव्यू की मांग करनी होती है। लेकिन इस मामले में, वीडियो के अनुसार रोहित ने 0 सेकेंड पर रिव्यू का इशारा किया और अंपायर ने भी उसे मान लिया।
रोहित के फेवर में गया फैसला
DRS में दिखा कि गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हो रही थी, जिससे ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला पलट गया और रोहित नॉट आउट करार दिए गए। उन्होंने इसके बाद 53 रन बनाए और मुंबई को तेज शुरुआत दिलाई, जिसके दम पर मुंबई ने 217 रन ठोक दिए।
फैंस का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूटा
सोशल मीडिया पर फैंस ने अंपायरिंग पर सवाल उठाए। एक यूज़र ने लिखा,'जब टाइमर खत्म हो गया था तो DRS कैसे मिल गया?'
एक अन्य ने कहा, 'IPL जैसे टूर्नामेंट में ऐसा लापरवाह फैसला स्वीकार्य नहीं है।'
क्या बोले एक्सपर्ट्स?
हालांकि अंपायर के पास यह विवेकाधिकार होता है कि अगर कोई संदेह की स्थिति हो, तो वह खिलाड़ियों को थोड़ा समय दे सकते हैं, लेकिन इसे लेकर स्पष्टता की कमी और निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं।