Afghanistan Air Strike: काबुल में एयरस्ट्राइक में 400 लोगों की मौत और 250 से ज्यादा घायल होने का दावा। तालिबान ने पाकिस्तान पर हमला करने का आरोप लगाया, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं। राशिद खान, नवीन-उल-हक और गुरबाज समेत खिलाड़ियों ने जताया गुस्सा और दुख।

Afghanistan Air Strike: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। सोमवार देर रात हुए एक बड़े हवाई हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि यह एयरस्ट्राइक पाकिस्तान की सेना ने की,जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए या घायल हुए ।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला काबुल के एक बड़े ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर पर हुआ। तालिबान अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हैं। हाल के वर्षों में इसे देश की सबसे भयावह घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

यह घटना रमजान के पवित्र महीने में हुई है, जिससे लोगों में गुस्सा और दुख दोनों बढ़ गया। आम नागरिकों के साथ-साथ खेल जगत से भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

अफगानिस्तान टी20 टीम के कप्तान राशिद खान ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इसे 'वार क्राइम' बताया और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। राशिद खान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि काबुल में नागरिकों की मौत की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में इस तरह की घटना इंसानियत को शर्मसार करती है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि इस मामले की पूरी जांच हो और जिम्मेदार लोगों को सजा मिले।

तेज गेंदबाज नवीन उल हक ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान सरकार की तुलना इजरायल से कर दी, जिससे विवाद और गहरा गया। वहीं विकेटकीपर-बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने भी भावुक पोस्ट करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि रमजान के दौरान अस्पताल पर हमला हुआ, लेकिन दुनिया चुप है। उन्होंने पूछा कि आखिर कब तक निर्दोष लोग मारे जाते रहेंगे और कब दुनिया आवाज उठाएगी।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है। हालांकि पाकिस्तान की तरफ से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन तालिबान के आरोपों ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।

काबुल में हुए इस हमले ने न सिर्फ अफगानिस्तान बल्कि पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। खासकर तब, जब यह घटना रमजान जैसे संवेदनशील समय में हुई हो। अब नजर इस बात पर है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में दखल देता है और क्या इस हमले की निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।