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मुंबई इंडियंस IPL 2026 में 300 T20 मैच खेलने वाली पहली टीम बनेगी। KKR के खिलाफ मैच में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल होगी। 2013 से शुरू हुआ MI का गोल्डन एरा आज भी जारी है।

आईपीएल 2026 के आगाज के साथ ही मुंबई इंडियंस एक खास मुकाम हासिल करने जा रही है। रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में उतरते ही मुंबई इंडियंस अपने टी20 इतिहास का 300वां मैच खेलेगी। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी टीम बन जाएगी।

पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 18 साल के सफर की कहानी है। साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तब टीम को बड़े नामों और उम्मीदों के साथ तैयार किया गया था। उस वक्त टीम की कमान क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर के हाथों में थी। हालांकि शुरुआती सालों में टीम ने जीत तो दर्ज की, लेकिन वह लगातार चैंपियन बनने वाली टीम नहीं बन पाई।

टर्निंग पॉइंट साल 2013 में आया, जब ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग ने कप्तानी छोड़कर रोहित शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी। यही वह पल था, जब मुंबई इंडियंस ने खुद को नई पहचान दी। उसी साल टीम ने आईपीएल खिताब जीता और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इसके बाद मुंबई ने पांच बार ट्रॉफी अपने नाम की। लेकिन टीम की पहचान सिर्फ ट्रॉफियों से नहीं बनी, बल्कि उन मुकाबलों से बनी जहां उन्होंने दबाव में जीत हासिल की। जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी और कायरान पोलार्ड की तूफानी बल्लेबाजी ने कई बार टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।

मुंबई इंडियंस ने सिर्फ आईपीएल में ही नहीं, बल्कि चैंपियंस लीग टी20 में भी अपनी छाप छोड़ी। 2011 में हरभजन सिंह की कप्तानी में टीम ने खिताब जीता, जबकि 2013 में आईपीएल और चैंपियंस लीग दोनों ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया।

इस टीम की असली ताकत उसका प्लेयर मैनेजमेंट और भरोसा रहा है। मुंबई ने हमेशा युवा खिलाड़ियों को मौका दिया और उन्हें बड़े मंच पर निखारा। यही वजह है कि टीम मुश्किल दौर से भी उबरकर फिर मजबूती से खड़ी होती रही।

अब जब मुंबई इंडियंस अपने 300वें टी20 मैच के लिए मैदान पर उतरेगी, तो यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक लंबी और सफल यात्रा का जश्न होगा। टीम एक बार फिर नए सीजन में खिताब जीतकर अपने पांच साल के सूखे को खत्म करना चाहेगी।

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