Super 8 Group-2 Preview: T20 क्रिकेट के महाकुंभ में शनिवार, 21 फरवरी से 'सुपर-8' की जंग शुरू हो रही है। जहां ग्रुप-1 में भारत और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें टकरा रही हैं, वहीं ग्रुप-2 भी किसी 'ग्रुप ऑफ डेथ' से कम नहीं है। इस ग्रुप में पाकिस्तान, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी चार ऐसी टीमें शामिल हैं, जो अपने दम पर किसी भी वक्त पासा पलटने का माद्दा रखती हैं।
सुपर-8 के इस ग्रुप में हर मैच सेमीफाइनल की टिकट के लिए निर्णायक होगा। ग्रुप-2 का समीकरण इसलिए भी रोचक है क्योंकि यहां इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी टीमें हैं, जो टी20 वर्ल्ड कप के पिछले सीजन के फाइनलिस्ट रह चुके हैं। वहीं न्यूजीलैंड अपनी निरंतरता और श्रीलंका अपनी नई ऊर्जा के साथ किसी भी समीकरण को बिगाड़ने के लिए तैयार हैं।


पाकिस्तान: रफ्तार का कहर
पाकिस्तान की टीम अपनी परंपरागत ताकत 'तेज गेंदबाजी' के दम पर सुपर-8 में पहुंची है। उनका पेस अटैक दुनिया के सबसे खतरनाक आक्रमणों में से एक है, जो किसी भी बल्लेबाजी लाइनअप को तहस-नहस कर सकता है। हालांकि, पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी है। अगर उनका टॉप ऑर्डर टीम को ठोस शुरुआत देता है और मिडिल ऑर्डर दबाव वाले मौकों पर धैर्य दिखाता है, तो पाकिस्तान 2009 के बाद एक बार फिर इतिहास दोहराने की ओर बढ़ सकता है।

इंग्लैंड: पावरहिटिंग की गहराई और आक्रामक तेवर
सफेद गेंद के क्रिकेट में इंग्लैंड की बादशाहत जगजाहिर है। उनकी सबसे बड़ी खूबी बल्लेबाजी में गहराई और ऑलराउंडर्स की फौज है। इंग्लैंड का 'अटैकिंग मोड' विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं देता। तेज गेंदबाजी के साथ-साथ उनके पास अनुभवी स्पिनर्स भी हैं, जो मध्य ओवरों में गेम बदलने में माहिर हैं। बड़े मैचों का अनुभव और आक्रामक क्रिकेट इंग्लैंड को इस ग्रुप में सेमीफाइनल का सबसे प्रबल दावेदार बनाता है।

न्यूजीलैंड की टीम रणनीति बनाने में माहिर
न्यूजीलैंड की टीम को अक्सर टूर्नामेंट का 'डार्क हॉर्स' कहा जाता है, लेकिन उनका रिकॉर्ड उन्हें सबसे सफल टीमों में खड़ा करता है। कीवी टीम शांत दिमाग से रणनीतियां बनाने और उन पर अमल करने के लिए जानी जाती है। उनके पास अनुशासित गेंदबाजी और नपे-तुले बल्लेबाजी आक्रमण का शानदार संतुलन है। दबाव की स्थितियों में न्यूज़ीलैंड का संयम ही उन्हें इस कड़े ग्रुप में सबसे खतरनाक टीम बनाता है।

श्रीलंका: युवा ऊर्जा और सामरिक अनुशासन
श्रीलंका ने पिछले कुछ समय में अपने खेल से सबको चौंकाया है। युवा खिलाड़ियों और अनुभव के मेल से बनी यह टीम रणनीतिक रूप से काफी अनुशासित नजर आ रही है। श्रीलंका का स्पिन विभाग उनके लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है, खासकर उन पिचों पर जहां गेंद घूमती है। हालांकि, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसे पावरहाउस के खिलाफ उन्हें अपनी फील्डिंग और डेथ ओवरों की बल्लेबाजी पर विशेष ध्यान देना होगा।

कुल मिलाकर ग्रुप-2 में मुकाबला पूरी तरह से खुला है। पाकिस्तान की रफ्तार, इंग्लैंड की पावर, न्यूजीलैंड का अनुशासन और श्रीलंका की रणनीतिक मजबूती के बीच जो भी टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही सेमीफाइनल की राह पकड़ेगी। नेट रन रेट यहां भी निर्णायक हो सकता है, क्योंकि इस ग्रुप में चारों टीमें एक-दूसरे को हराने की क्षमता रखती हैं। अब देखना यह है कि 21 फरवरी से शुरू होने वाले इस घमासान में कौन सी दो टीमें टॉप-2 में जगह बनाकर खिताब की ओर अगला कदम बढ़ाती हैं।










