T20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर शनिवार, 21 फरवरी से ‘सुपर-8’ की असली जंग शुरू होने जा रही है। लीग स्टेज की परीक्षा पार कर चुकी टीमें अब सीधे सेमीफाइनल की दौड़ में उतरेंगी, जहां हर मुकाबला नॉकआउट जैसा दबाव लेकर आएगा।
ग्रुप-1 में भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे जैसी टीमें आमने-सामने हैं, जो अलग-अलग अंदाज में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। इस ग्रुप का पहला हाई-वोल्टेज मुकाबला 22 फरवरी को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, जिसे सेमीफाइनल से पहले का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है।
सुपर-8 में दोनों ग्रुप से सिर्फ दो-दो टीमें आगे बढ़ेंगी, ऐसे में रणनीति, बड़े मैच का अनुभव और नेट रन रेट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। ग्रुप-1 में भारत और वेस्ट इंडीज ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने दो-दो बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है और इस बार तीसरी ट्रॉफी पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

भारत ने 2007 में पाकिस्तान को हराकर पहला खिताब जीता था और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका को मात देकर दूसरी बार चैंपियन बना। वहीं वेस्ट इंडीज 2012 और 2016 में खिताब जीतकर इतिहास रच चुकी है।
एक रोचक संयोग यह भी है कि इंडीज ने अपने दोनों खिताब भारत और श्रीलंका की सरजमीं पर जीते हैं और इस बार भी मंच वही है। फैंस के बीच यह सवाल जोर पकड़ रहा है- क्या कैरेबियाई टीम फिर से ट्रॉफी पर कब्जा जमा पाएगी?
अब सवाल यह है कि इस रोमांचक ग्रुप में सेमीफाइनल का टिकट किसे मिलेगा और कौन सी टीम आखिरी चार में जगह बनाने से चूक जाएगी?
भारत: संतुलित संयोजन और बड़े मैच का दबदबा

भारत इस चरण में बड़े दावेदार के रूप में उतर रहा है। मेजबानी का फायदा, पावरहिटिंग से भरा टॉप ऑर्डर और अनुभवी मिडिल ऑर्डर उसे संतुलन देता है, लेकिन शुरुआती दौर में दिखी बल्लेबाजी की अस्थिरता चिंता भी पैदा करती है। अगर मिडिल ओवरों में स्ट्राइक रोटेशन सुधरता है और डेथ ओवर्स में फिनिशिंग तेज रहती है, तो भारत किसी भी आक्रमण को ध्वस्त कर सकता है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला मुकाबला टोन सेट करेगा और ग्रुप की दिशा तय कर सकता है।
साउथ अफ्रीका: गहराई, अनुशासन और निर्णायक पलों की मजबूती

साउथ अफ्रीका की पहचान इस बार गहराई और निरंतरता है। उनकी बल्लेबाजी लाइनअप लंबी है और तेज गेंदबाजी यूनिट दबाव बनाने में माहिर। बड़े मैचों का अनुभव उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी संयम देता है। अगर वे पावरप्ले में शुरुआती विकेट निकालते हैं और मध्य ओवरों में रन गति पर लगाम रखते हैं, तो वे भारत और वेस्ट इंडीज दोनों के लिए कड़ी चुनौती बन सकते हैं।
वेस्ट इंडीज: विस्फोटक बल्लेबाजी और डेथ ओवर का वार

वेस्ट इंडीज T20 की परंपरागत पावरहाउस टीम रही है। उनका आक्रामक टॉप ऑर्डर कुछ ही ओवरों में मैच का नक्शा बदल देता है। साथ ही डेथ ओवर्स में उनके पेसर्स की विविधता गेम चेंजर साबित हो सकती है। हालांकि अस्थिरता उनकी पुरानी समस्या रही है। अगर वे लगातार दो बड़े प्रदर्शन दे देते हैं, तो सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूती से खड़े दिखेंगे।
जिम्बाब्वे: जुझारू अंदाज और उलटफेर की ताकत

जिम्बाब्वे इस ग्रुप का डार्क हॉर्स है। बड़े उलटफेर करने की उनकी क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अनुशासित गेंदबाजी और मौके के हिसाब से आक्रामक बल्लेबाजी उनका हथियार है। यदि वे किसी एक दिग्गज टीम को चौंका देते हैं, तो पूरा समीकरण बदल सकता है और नेट रन रेट की जंग और भी दिलचस्प हो जाएगी।
कुल मिलाकर ग्रुप-1 में भारत और साउथ अफ्रीका कागज पर मजबूत दिखते हैं, लेकिन वेस्ट इंडीज की विस्फोटक शैली और जिम्बाब्वे की जुझारू मानसिकता इसे खुला मुकाबला बनाती है। हर रन और हर ओवर मायने रखेगा, क्योंकि सुपर 8 में गलती की गुंजाइश लगभग शून्य है। अब देखना यह है कि दबाव के इस इम्तिहान में कौन-सी दो टीमें टॉप-2 में जगह बनाकर सेमीफाइनल की राह पकड़ती हैं।








