Abrar Ahmed Controversy: 'द हंड्रेड' (The Hundred) लीग की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी लेग स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। भारतीय क्रिकेट फैंस इसे लेकर सनराइजर्स लीड्स (IPL में सनराइजर्स हैदराबाद) के मालकिन काव्या मारन की आलोचना कर रहे हैं। इस मामले पर उठ रहे सवालों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने प्रतिक्रिया दी है। उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बीसीसीआई का अधिकार क्षेत्र केवल आईपीएल तक सीमित है और विदेशी लीगों में निजी फ्रेंचाइजी के फैसलों में बोर्ड हस्तक्षेप नहीं करता है।
विदेशी लीग में बीसीसीआई का हस्तक्षेप नहीं
सोशल मीडिया पर सनराइजर्स के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच राजीव शुक्ला ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, "हमारा कार्यक्षेत्र केवल आईपीएल तक सीमित है। विदेशी लीगों में फ्रेंचाइजी क्या करती हैं, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई फ्रेंचाइजी भारत के बाहर किसी लीग में किसी खिलाड़ी को साइन कर रही है, तो यह पूरी तरह से उनका निजी फैसला है। बीसीसीआई इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता क्योंकि आईपीएल में ऐसा कोई खिलाड़ी शामिल नहीं है।
सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट सनराइजर्स' का ट्रेंड
गौरतलब है कि गुरुवार को हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1,90,000 पाउंड (लगभग 2.10 करोड़ रुपये) में खरीदा था। नीलामी टेबल पर सनराइजर्स की सीईओ काव्या मारन और हेड कोच डेनियल विटोरी मौजूद थे। इस फैसले के बाद भारत में क्रिकेट प्रशंसकों ने नाराजगी जाहिर की और आईपीएल में 'सनराइजर्स हैदराबाद' के बहिष्कार की मांग शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि सनराइजर्स लीड्स का एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भी निलंबित कर दिया गया है।
हेड कोच विटोरी ने बताया अबरार को चुनने का कारण
सनराइजर्स लीड्स के प्रबंधन ने अबरार अहमद को चुनने के पीछे क्रिकेटिंग तर्क पेश किया है। टीम के मुख्य कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि उनकी पहली पसंद इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर आदिल राशिद थे। जब टीम राशिद को हासिल करने में नाकाम रही, तो उन्होंने विदेशी स्पिन विकल्पों की ओर रुख किया। विटोरी के अनुसार, अबरार उन चार-पांच खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें टीम ने अपनी शॉर्टलिस्ट में रखा था। टीम को एक गुणवत्तापूर्ण स्पिनर की जरूरत थी, जिसके लिए अबरार सबसे सटीक विकल्प साबित हुए।