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हरिभूमि विशेषः कोरोना वायरस बचने के लिए जरूरी हैं ये सतर्कताएं

चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का आतंक अब दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में पैर पसार चुका है। तत्काल इस वायरस के फैलने के सभी कारणों से जागरुक हो जाएं और इससे निपटने के तरीकों से भी.

Coronavirus: कोरोना वायरस से कैसे बचें, डॉक्टर से मिला हर सवाल का जवाब, देखें वीडियोकोरोनावायरस

चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का आतंक अब दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में पैर पसार चुका है। चीन में कोरोना संक्रमण के 80 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और तीन हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। ईरान, इटली, कोरिया तथा सिंगापुर की स्थिति भी ज्यादा चिंताजनक है। कुछ दिनों पहले भारत में मिले तीन कोरोना मरीजों के ठीक होने के बाद अब दो दिनों के भीतर 11 राज्यों में कई संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप मचा है। इनमें से लगभग सभी दूसरे देशों की यात्रा करके भारत लौटे थे। सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए इटली, ईरान, कोरिया और जापान के वीजा निलंबित कर 12 से भी अधिक देशों से आने वाले यात्रियों की जांच का निर्णय लिया गया है।

चीन के बाहर भी नौ गुना तेजी से फैल रहे कोरोना से चिंता बढ़ना तो स्वाभाविक है, लेकिन इससे घबराने के बजाए सवाधानी जरूरी है। संतोषजनक स्थिति यह है कि कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद भारत में भी चीन जैसे हालात न बनने पाएं, इसके लिए सरकार और स्वास्थ्य तंत्र सतर्क हो गए हैं। दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले अगर कोरोना का आतंक हमारे यहां अब तक नहीं गहराया तो इसका सबसे बड़ा कारण यही रहा कि जहां चीन ने इस संक्रमण के सामने आने के बाद खबर को दबाने में काफी समय गंवा दिया, वहीं भारत ने समय रहते संक्रमण से बचाव के तरीकों पर कार्य करना शुरू कर दिया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक छह प्रकार के कोरोना वायरस की ही जानकारी थी, लेकिन वुहान में नए प्रकार के कोरोना वायरस का पता चलने के बाद इनकी संख्या बढ़कर सात हो चुकी है। कोरोना वास्तव में वायरसों का एक बड़ा समूह है, जो कुछ जंगली जानवरों में पाया जाता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक यह वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है, लेकिन इसके मनुष्य से मनुष्य में फैलने की नई प्रवृत्ति ने इसे अत्यंत घातक बना दिया है। एक अध्ययन से यह तथ्य भी सामने आया है कि नया कोरोना वायरस औसतन एक मरीज से दस लोगों में फैल रहा है। लंदन के इंपीरियल कॉलेज के संक्रमण रोग विशेषज्ञ नील फर्ग्यूसन का कहना है कि नया कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि संक्रमण के 60 फीसदी मामलों में सफलता पाकर ही इसे मंद किया जा सकेगा।

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दुनियाभर में निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इस वायरस के खौफ के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है, जिसका असर लंबे समय तक देखा जाता रहेगा। जनवरी माह से लेकर अभी तक 11 लाख करोड़ रुपये डूबने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारत में चीन से आने वाले कच्चे माल की उपलब्धता न होने के कारण उद्योगों पर बुरा असर पड़ रहा है। पर्यटन उद्योग और विमानन क्षेत्र को भी काफी घाटा हो रहा है। भारत में रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का करीब दस फीसदी योगदान है और डीजीपी में इसकी करीब सात फीसदी हिस्सेदारी है। क्वार्ट्ज इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारत में 1.09 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे, लेकिन कोरोना के वैश्विक आतंक के चलते पर्यटकों की संख्या में इस साल बहुत बड़ी गिरावट आना तय है।

कोरोना इतना संक्रामक है कि खांसी, छींक अथवा हाथ मिलाना भी इसके जोखिम का कारण बन सकते हैं। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक अथवा आंखों को छूने से भी इस वायरस का संक्रमण हो सकता है। इसके संक्रमण के बाद सामने आने वाले लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश, कभी-कभी सिरदर्द इत्यादि प्रमुख हैं। निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना भी इसके लक्षण हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण के बाद भी कई दिनों तक कोई लक्षण नजर नहीं आए। ऐसे मामले काफी खतरनाक साबित हो रहे हैं। किसी बीमार, जुकाम या निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें, मास्क पहनें, अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुएं तथा हाथों को बार-बार अच्छी तरह से साबुन से धोएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने अथवा उसे कम करने के लिए जो सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार अपने हाथ साबुन, पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें, खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें। जिन व्यक्तियों को सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें। मीट तथा अंडों को अच्छे से पकाकर ही खाएं।

हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण का अभी तक कोई पुख्ता इलाज नहीं है। इसलिए बचने का एकमात्र तरीका सुरक्षा के पर्याप्त उपाय अपनाया जाना ही है। बहरहाल, कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए बेहद जरूरी है कि भारत में अब कोरोना की दस्तक को हल्के में न लिया जाए और हर व्यक्ति को इससे बचने के तौर-तरीकों और उपायों की पूरी जानकारी हो ताकि भारत में चीन या इससे प्रभावित दूसरे देशों जैसे हालात बनने से बचा जा सके।

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