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श्रमेव जयते-श्रम सुधार की दिशा में बड़ी पहल

श्रम निरीक्षकों को जांच करके तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यह इंस्पेक्टर राज खत्म करने का बड़ा जरिया बन सकता है।

श्रमेव जयते-श्रम सुधार की दिशा में बड़ी पहल
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आने के दिन से ही मिनिमम गवर्नमेंट- मैक्सिमम गवर्नेस पर जोर देते रहे हैं। उनका विचार रहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी दखल कम होनी चाहिए, क्योंकि इसी वजह से सरकारों को सबका साथ नहीं मिल पाता है। पहले मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और अब बृहस्पतिवार को श्रमेव जयते कार्यक्रम की शुरुआत करके उन्होंने देश के विकास कार्य में सबको जोड़ने की पहल की है। श्रमेव जयते का मकसद श्रमिकों के हितों की रक्षा करना, रोजगार व कुशल कामगार पैदा करना और उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाना है।

आज देश में कुल श्रम का 90 फीसदी हिस्सा असंगठित क्षेत्र में लगा हुआ है। संगठित क्षेत्र की तुलना में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों की हालत काफी दयनीय है। कोई भी देश अकुशल और समस्याग्रस्त श्रमिकों के बल पर न तो आर्थिक महाशक्ति बन सकता और न ही मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने ठीक कहा है कि श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करना है तो इसे श्रमिकों की नजर से देखना होगा न कि उद्योगपतियों की।

यही वजह है कि सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार श्रम कानूनों में बड़े बदलाव की पहल कर रही है। और अब ई-गवर्नेंस के समावेश से शुरू किया गया श्रमेव जयते कार्यक्रम भी श्रमिकों की समस्याओं को दूर करने में अहम जरिया बन सकता है। इसके तहत एक श्रम सुविधा पोर्टल शुरू किया गया है। इसके माध्यम से उद्यमी अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। वहीं यहां पंजीकृत सभी श्रमिकों को एक पहचान नंबर भी दिया जाएगा।

सभी पंजीकृत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। साथ ही श्रमिकों को पीएफ के लिए एक यूनिवर्सल एकाउंट नंबर मिलेगा जो कंपनी बदलने के बाद भी नहीं बदलेगा। इस पोर्टल पर श्रम से जुड़े सभी कानूनों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। जानकारी होने पर श्रमिक अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठा सकते हैं। औद्योगिक इकाइयों में होने वाले श्रम निरीक्षक को भी इससे जोड़ा गया है।

श्रम निरीक्षकों को जांच करके तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यह इंस्पेक्टर राज खत्म करने का बड़ा जरिया बन सकता है। कुशल कामगारों की दुनिया में बढ़ती मांग देखते हुए वोकेशनल ट्रेनिंग और अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना को भी इसमें शामिल किया गया है। वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधा स्थानीय मांग और जरूरतों के हिसाब से तय होगी जबकि अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण व फिर रोजगार मिलना आसान हो जाएगा।

इससे कुशल कामगारों की फौज तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि जितनी ताकत सत्यमेव जयते में है उतनी ही ताकत श्रमेव जयते में भी हमें आने वाले दिनों में देखने को मिलेगी। इसमें कोई दो मत नहीं कि श्रमिक ही देश की तरक्की का आधार रखते हैं, परंतु यह विडंबना हैकि ज्यादातर लोग श्रमिकों को इज्जत की नजर से नहीं देखते। वहीं श्रमिक उद्योग जगत के शोषण का भी शिकार बनते रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि श्रमेव जयते उन्हें अपने काम में कुशल बनाने और अपना भविष्य सुरक्षित बनाने में मददगार साबित होगा।

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