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एशियन पार्लियामेंट्री असेंबली की मीटिंग में थरूर ने कश्मीर पर लगाई पाक की क्लास, दिया ये जवाब

थरूर (Shashi Tharoor) ने पाकिस्तानी सीनेट (Pakistan Senate) के चेयरमैन को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने भारत के आंतरिक मामले का हवाला 'एपीए के गैर-जरूरी राजनीतिकरण' के लिए दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ (Indian Union) का अभिन्न अंग है।

एशियन पार्लियामेंट्री असेंबली की मीटिंग में थरूर ने कश्मीर पर लगाई पाकिस्तान की क्लास, दिया ये जवाबShashi Tharoor Response Pakistan In Asian Parliamentary Assembly Meeting Over Kashmir Issue

कांग्रेस सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने एशियाई पार्लियामेंट्री असेंबली (APA) की मीटिंग में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की। एपीए मीटिंग का आयोजन सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में किया गया है जहां पाकिस्तान ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में हालिया स्थिति के मद्देनजर इस मीटिंग का आयोजन अपने यहां नहीं करवा सकता है। थरूर ने पाकिस्तान के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारत के आंतरिक मामले का हवाला देकर इस मंच के राजनीतिकरण की कोशिश कर रहा है।

थरूर ने पाक सीनेट के चैयरमैन के पत्र का दिया जवाब

बेलग्रेड में 13 से 17 अक्टूबर तक इंटर-पार्लियामेंट यूनियन (IPU) की सालाना मीटिंग हो रही है जिसके इतर एपीए की मीटिंग हुई। पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के चेयरमैन ने एक पत्र के जरिए इस फोरम को बताया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात के कारण दिसंबर 2019 में पूर्वनिर्धारित मीटिंग का आयोजन नहीं कर पाएगा। थरूर ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के इस पत्र की कड़ी निंदा की।

जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न हिस्सा

थरूर ने पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने भारत के आंतरिक मामले का हवाला 'एपीए के गैर-जरूरी राजनीतिकरण' के लिए दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न अंग है। जम्मू-कश्मीर में इस प्रकार के हालात नहीं हैं जिनसे इस्लामाबाद तो छोड़ दें, उनके देश में (पाकिस्तान में) कहीं पर भी आम जनजीवन या कामकाज की स्थिति पर कोई फर्क पड़े।

यूपीए सरकार में विदेश राज्य मंत्री रहे थरूर ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों का असर सीमाओं पर नहीं होता है और न ही हम अपने पड़ोसियों को छेड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इन हालात में वह (पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन) उम्मीद करते हैं कि यह प्रतिष्ठित सभा दिसंबर 2019 में अपनी मीटिंग आयोजित करने की पाकिस्तान की अक्षमता अथवा अनिच्छा के पीछे उसकी ऐसी बहानेबाजी को स्वीकार कर ले। यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र है।

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