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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का ऐलान, EMI में छूट की स्कीम अगस्त तक जारी रहेगी

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की बीते दो महीनों में यह तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। शक्तिकांत दास ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस 27 मार्च और दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस 17 अप्रैल को की थी। इन दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस में शक्तिकांत दास ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों का ऐलान किया था।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का ऐलान,  EMI में छूट की स्कीम अगस्त तक जारी रहेगी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में 0.40% की कटौती करने की घोषणा की है। अब रेपो रेट 4.40 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं, रिवर्स रेपो रेट 3.75% से घटाकर 3.35% किया गया। लोन की किश्त चुकाने में छूट का समय तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। अब अगस्त तक इसका फायदा मिलता रहेगा। गवर्नर ने यह भी बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के 6 में से 5 सदस्यों ने रेपो घटाने के पक्ष में हैं। गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी बताया कि कमेटी की मीटिंग 3 जून से होनी थी, लेकिन पहले ही कर ली गई है।

रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत तक कम हो गई

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के वजह से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है। MPC ने रेपो रेट में कटौती करने का फैसला किया है। रेपो रेट में 40 आधार अंकों की कटौती के साथ रेपो रेट 4.4 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत हुआ। रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत तक कम हो गई है।

2021 में विकास दर नकारात्मक रहने की संभावना

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि कोर इंडस्टिरीज के आउटपुट में 6.5% की कमी हुई है और मैन्युफेक्चरिंग में 21 फीसदी की गिरावट हुई है। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मांग और उत्पादन में कमी आई है। वहीं खरीफ की बुवाई में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल महीने में निर्यात में 60.3 प्रतिशत की कमी आई है। 2021 में विकास दर नकारात्मक रहने की संभावना है।

दुनिया में कारोबार इस साल 13-32 प्रतिशत तक घट सकता है

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। डब्ल्यूटीओ के अनुसार, दुनिया में कारोबार इस साल 13-32 प्रतिशत तक घट सकता है।

लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई

भारत में दो महीने के लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इंडस्ट्री वाले टॉप-6 राज्यों के अधिकतर इलाके रेड और ऑरेंज जोन में हैं। इन राज्यों की इंडस्ट्री का आर्थिक गतिविधियों में 60 प्रतिशत कॉन्ट्रिब्यूशन होता है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 अरब डॉलर

अप्रैल में खाद्य महंगाई बढ़कर 8.6 प्रतिशत हो गई है। अगले महीनों में दालों की महंगाई चिंता की बात रहेगी। वर्ष 2020-21 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 अरब डॉलर का है। एग्जिम बैंक को 15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन दिया जाएगा। सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और तीन महीने तक करने की अनुमति है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि आरबीआई ने टर्म लोन मोरेटोरियम 31 मई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। 3 महीने और बढ़ने से अब मोरेटोरियम की सुविधा 6 महीने की हो गई है। यानी इन छह महीने अगर आप अपनी ईएमआई नहीं चुकाते हैं, तो आपका लोन डिफॉल्ट या एनपीए कैटेगरी में नहीं माना जाएगा।

बीते दो महीनों में तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की बीते दो महीनों में यह तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। शक्तिकांत दास ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस 27 मार्च और दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस 17 अप्रैल को की थी। इन दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस में शक्तिकांत दास ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों का ऐलान किया था।

बता दें कि इससे पहले आरबीआई के एक डायरेक्टर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे सतीश काशीनाथ मराठे ने केंद्र की मोदी सरकार के राहत पैकेज पर सवाल उठाए थे। सतीश काशीनाथ मराठे ने कहा था कि 90 दिनों का मो​रेटोरियम काफी नहीं है और एनपीए में नरमी को राहत पैकेज का हिस्सा होना चाहिए था।

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