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Rakesh Sharma Birthday: अंतरिक्ष में जाने से पहले राकेश शर्मा ने इन परेशानियों का किया था सामना, फिर इस तरह रचा इतिहास

Rakesh Sharma Birthday: राकेश शर्मा बचपन के दिनों से ही विज्ञान में काफी रूचि रखते थे और उनका पायलट बनने का सपना था। बताया जाता है कि बचपन से बिगड़ी चीजों को बनाना और इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर बारीकी से नजर रखना उनकी आदत में शुमार था।

Rakesh Sharma Birthday: अंतरिक्ष में जाने से पहले राकेश शर्मा ने इन परेशानियों का किया था सामना, फिर इस तरह रचा इतिहासराकेश शर्मा जन्मदिन

Rakesh Sharma Birthday (राकेश शर्मा जन्मदिन) : भारत के पहले और दुनिया के 138 वें अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी को जन्मदिन है। उनका जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। राकेश शर्मा बचपन के दिनों से ही विज्ञान में काफी रूचि रखते थे और उनका पायलट बनने का सपना था। बताया जाता है कि बचपन से बिगड़ी चीजों को बनाना और इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर बारीकी से नजर रखना उनकी आदत में शुमार था। बचपन से ही पायलट बनने का सपना देखने वाले राकेश ने 2 अप्रैल 1984 को इतिहास रचा था। आइए जानते हैं राकेश शर्मा से जुड़ी कई प्रमुख बातें...

राकेश शर्मा से जुड़ी कई प्रमुख बातें...

* बता दें कि राकेश शर्मा ने इंडियन एयरफोर्स के तौर पर नौकरी के दौरान आंतरिक्ष का सफर तय किया था। एक बार पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्हें कहा था कि मैंने बचपन से पायलट बनने का सपना देखा था, जब मैं पायलट बन गया तो सोचा सपना पूरा हो गया। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि आंतरिक्ष भी जाऊंगा।

* मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दो अप्रैल 1984 को दो अन्य सोवियत अंतरिक्षयात्रियों के साथ सोयूज टी-11 में इंडियन एयरफोर्स के जवान राकेश शर्मा को भी लॉन्च किया गया था। इस उड़ान में साल्युत सात अंतरिक्ष केंद्र में उन्होंने उत्तरी भारत की फोटोग्राफी की और गुरुत्वाकर्षण-हीन योगाभ्यास किया।

* राकेश शर्मा जब सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में पहुंच गए थे तो देश को लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कोई मानव जीव अंतरिक्ष में पहुंच गया है।

* साल 1966 में राकेश शर्मा ने डीएनए पास किया था। इसके पास करते ही वे भारतीय वायुसेना के कैडेट बने। इसके बाद राकेश ने साल 1970 में भारतीय वायु सेना को ज्वांइन किया। यहीं से उनकी किसम का सितारा चमकने लगा। राकेश शर्मा ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि आज उनके नाम से हर देशवासियों का सीन गर्व से चौड़ा हो जाता है।

* बताया जाता है कि जब राकेश शर्मा अंतरिक्ष में थे तब उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को फोन किया। इंदिरा गांधी ने राकेश से पूछा था कि अंतरिक्ष से हमारा हिंदुस्तान कैसा नजर आता है। इसके जवाब में राकेश शर्मा ने कहा था कि 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा'।

* मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने से एक साल पहले स्टार सिटी गए थे। उनके साथ रवीश मल्होत्रा भी थे। यहां पर अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण केंद्र था।

* राकेश ने बताया कि वहां पर ठंड बहुत ज्यादा थी। हमें बर्फ में एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक पैदल सफर तय करना पड़ता था। साथ ही हमारे सामने जल्दी ही रूसी भाषा सीखने की चुनौती थी, इस भाषा को हम प्रतिदिन सात घंटे सीखते थे। भाषा सीखने का मुख्य कारण यह था कि अधिकतर उनकी ट्रेनिंग रूसी भाषा में ही होने वाली थी। वह लगभग 90 दिनों में रूसी भाषा ठीक-ठाक सीख गए थे।

* इंदिरा गांधी के सामने सोवियत संघ ने अंतरिक्ष मिशन में शामिल होने के लिए दो भारतीयों का प्रस्ताव रखा था। इसरों के पास इतने साथ नहीं थे और तब इंदिरा गांधी के पास वायुसेना का अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। इस मिशन से पहले वायु सेना को दो अधिकारियों को डेढ़ साल की ट्रैनिंग दी गई थी। जिसमें राकेश शर्मा के अलावा रवीश मल्होत्रा भी शामिल रहे।

* बताया जाता है कि उन्होंने अंतरिक्ष की कक्षा में साल दिन, 21 घंटे और 40 मिनट बिताए थे।

* सोवियत सरकार ने उनके अंतरिक्ष से लौटने के बाद उन्हें हीरो ऑफ़ सोवियत यूनियन के सम्मान से नवाजा था। तो वहीं भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र पुरस्कार से सम्मानित किया था।

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