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Jayalalithaa Birth Anniversary: फिल्मों से राजनीति में परचम लहराने वाली जयललिता के साथ ऐसे रहा था विवादों का साथ

Jayalalithaa Birth Anniversary: 24 फरवरी 1948 को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता जयराम का जन्म हुआ था। फिल्मों से लेकर राजनीति तक के सफर में वो हमेंशा किसी न किसी विवाद से घिरी रहीं।

Jayalalithaa Birth Anniversary: फिल्मों से राजनीति में परचम लहराने वालीं जयललिता के साथ ऐसे रहा था विवादों का साथJayalalithaa Birth Anniversary

Jayalalithaa Birth Anniversary: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रह चुकीं जयललिता काफी लोकप्रिय थी। चाहे फिल्म हो या राजनीति, उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी शख्सियत से लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी। लेकिन उनकी जिंदगी में विवाद भी कुछ कम नहीं थे। वो हमेंशा किसी न किसी विवाद से घिरी रहीं। आइए आज उनके जन्मदिन पर हम नजर डालते हैं उनके जीवन के कुछ उन्हीं पहलुओं पर

बेटे की शादी में विवाद

जयललिता ने गोद लिए बेटे वी एन सुधाकरण की शादी 1995 में उन्होंने शाही अंदाज में की थी। जिसके लिए इंडिया टुडे ने उसे मदर ऑफ ऑल वेडिंग के नाम से संबोधित किया था। इसके लिए वो विवादों में आ गई थी। क्योंकि उस जमाने में हर किसी की क्षमता ऐसी शादी करवाने की नहीं हुआ करती थी।

टीवी का विवाद

उसके अगले ही साल टीवी बांटने के मामले में भी उनके नाम के चर्चे हुए थे। उन्होंने तमिलनाडु के ग्रामीणों में रंगीन टीवी का वितरण किया था। उन पर इल्जाम लगाया गया था कि टीवी बनाने वालों से उन्होंने अधिकारियों के माध्यम से घूस लिए हैं। साथ ही उन्होंने टीवी की खरीददारी उंचे दामों में की है।

किया गया था गिरफ्तार

जयललिता को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। छानबीन करने के दौरान उनके पास से करीब 30 किलो हीरे जड़ित सोने के गहने मिले थे। साथ ही 10 हजार महंगी साड़ियां, 750 जोड़ी जूतियां, 91 डिजाइनर घड़ियां और 19 महंगी गाड़ियां भी उनके पास से बरामद की गईं थी।

पिटाई का आरोप

जयललिता पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने पॉयस गार्डन वाले बंगले में बुलाकर अपने पूर्व अकाउंटेंट आर राजशेखरन की पिटाई की थी। राजशेखरन ने पुलिस में जयललिता, शशिकला और वी महादेवन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने ये भी कहा था कि जयललिता और शशिकला नें उनसे एक शपथ पत्र पर साईन करवाया है जिसमें 50 लाख रुपये देने की बात कही गई है।

कोयला आयात घोटाला

जयललिता पर विदेशी कोयला खरीदने के मामले में 700 करोड़ रुपये के घोटाले का इल्जाम लगाया गया था। यह इल्जाम 1999 में जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके सुब्रमण्यम स्वामी ने लगाया था।

प्लेसेंट स्टे होटल में विवाद

उनपर प्लेसेंट स्टे होटल के निर्माण में भी इल्जाम लगाए गए थे। इल्जाम में कहा गया था कि उन्होंने नियमों के विरुद्ध जाकर उस होटल के लिए मंजूरी दी है। यह होटल कोडाइकनाल के ब्लू विले इलाके में बना था। होटल सात मंजिला था और यह आरोप 2000 में लगाया गया था। 2001 में उन्हें मद्रास हाईकोर्ट नें इस मामले से राहत दी थी।

तांसी भूमि घोटाला

1998 में जयललिता पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने तमिलनाडु की सरकारी कंपनी तमिलनाडु स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (तांसी) की जमीन इसलिए खरीदी थी कि वो सरकार को धोखा देना चाहती थी। यह जमीन शशिकला और जयललिता की कंपनी जया पब्लिकेशन ने खरीदी थी। इस मामले में जयललिता को रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। इस कानून के अन्तर्गत यह नियम है कि जो भी नेता दोषी पाया जाता है ़वो चुनाव लड़ने का हक खो देता है। जिसके बाद उन्हें 21 सितंबर 2001 में अपना मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था। इसके बावजूद तत्कालीन राज्यपाल एम फातिमा बीवी नें उन्हें सीएम पद की शपथ दिला दी थी।

आय से अधिक संपत्ति का आरोप

बेंगलुरु की एक अदालत नें जयललिता को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामलें में दोषी करार दिया था। कोर्ट में साबित हुआ था कि 1991 से 1996 के बीच मुख्यमंत्री पद का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्होंने 66 करोड़ 65 लाख रुपये की संपत्ति बना ली थी। जिसके लिए कोर्ट ने उन्हें 100 करोड़ के जुर्माने का आदेश दिया था। 27 दिसंबर 2014 में उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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