Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Haribhoomi-Inh News: लड़ाई जारी है..एमएसपी की बारी है 'चर्चा' प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, लड़ाई जारी है... एमएसपी की बारी है...

Haribhoomi-Inh News: लड़ाई जारी है..एमएसपी की बारी है चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
X

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, लड़ाई जारी है... एमएसपी की बारी है... जिसका संदर्भ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों के वापसी के एलान के बाद शुक्रवार को गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा की एमएसपी भी एक बड़ा सवाल है, उस पर भी कानून बन जाए, क्योंकि किसान जो फसल बेचता है उसे वह कम कीमत पर बेचता है, जिससे बड़ा नुकसान होता है। अभी बातचीत करेंगे, यहां से कैसे घर जाएंगे, अभी बहुत से क़ानून सदन में है, उन्हें फिर ये लागू करेंगे।

कृषि कानूनों की वापसी समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक साल से अधिक समय से आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखनऊ में सोमवार को किसान महापंचायत बुलाई। महापंचायत में कहा कि हम आंदोलन खत्म करने को तैयार हैं, लेकिन पहले एमसपी और दूसरे मुद्दों पर सरकार बात करें। वहीं तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की केंद्र की घोषणा के बावजूद किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाला कानून नहीं बनाती, तथा लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' को बर्खास्त नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

लड़ाई जारी है..एमएसपी की बारी है

'चर्चा'

किसान आंदोलन रहेगा जारी, रखी यें मांगें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के तीन दिन बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने लखनऊ में एक किसान महापंचायत के दौरान अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी लागू हो। अपनी शेष मांगों को बताते हुए प्रधानमंत्री को एक खुला पत्र लिखा। लखनऊ में महापंचायत में उठाया गया एक और महत्वपूर्ण मुद्दा लखीमपुर खीरी कांड था। किसानों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय को कैबिनेट में उनके पद से हटाने की मांग की है।

Next Story