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महाराष्ट्र में OBC आरक्षण मुद्दे पर बीजेपी का चक्का जाम आंदोलन, पुलिस ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को पुलिस ने हिरासत में लिया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर में आंदोलन कर रहे थे। जबकि, प्रवीण दरेकर ठाणे, चंद्रकांत पाटील कोल्हापुर में आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिए।

महाराष्ट्र में OBC आरक्षण मुद्दे पर बीजेपी का चक्का जाम आंदोलन, पुलिस ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को पुलिस ने हिरासत में लिया
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महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ओबीसी आरक्षण रद्द किए जाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी की ओर आरोप लगाया गया कि महाराष्ट्र सरकार के नाकारापन की वजह से ओबीसी आरक्षण सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक पाया। पूरे महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी चक्का जाम आंदोलन और जेल भरो आंदोलन कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर, प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे और आशिष शेलार जैसे भाजपा के बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर में आंदोलन कर रहे थे। जबकि, प्रवीण दरेकर ठाणे, चंद्रकांत पाटील कोल्हापुर में आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिए। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पुणे से पंकजा मुंडे को हिरासत में लिया है। मुंबई के मुुलुंड से विधायक आशिष शेलार को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। भाजपा द्वारा किए गए पूरे महाराष्ट्र में इस आंदोलन से जगह-जगह कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं हैं। अनेक जगहों पर ट्रैफिक जाम भी हो गया है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस हिरासत से पहले कहा कि एक साजिश के तहत राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को गंवा दिया है। उन्होंने कहा कि बाकी राज्यों में ओबीसी राजनीतिक आरक्षण है, सिर्फ महाराष्ट्र में यह रद्द हो चुका है। इस रद्द होने की वजह राज्य सरकार की नाकारापन है। यह राज्य हर काम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहरा देती है। मुझे तो लगता है कि अगर इनकी अपनी पत्नियों से पिटाई होगी तब भी ये यही कहेंगे कि मोदी जी के कारण से ऐसा हो रहा है। पूर्व सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी समाज का इम्पिरिकल डाटा मांगा था। जनगणना का डाटा नहीं मांगा था। लेकिन राज्य सरकार आरोप लगा रही है कि मोदी जी ने डाटा नहीं दिया. इसलिए सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण रद्द हो गया।

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