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Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है। यह दोनों सीटें पार्टी की पारंपरिक सीटें रही हैं। सोनिया गांधी इस बार रायबरेली से नहीं लड़ेंगी।  

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव का पहला चरण 19 अप्रैल से शुरू होगा। भाजपा, कांग्रेस समेत सभी दल अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। सभी प्रमुख पार्टियों ने चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। लेकिन कांग्रेस की दो पारंपरिक सीटों पर अभी तक पार्टी ने किसी कैंडिडेट का नाम फाइनल नहीं किया है। यह बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली सीट से कांग्रेस किसे चुनावी मैदान में उतारेगी? बता दें कि राहुल गांधी अमेठी और सोनिया गांधी रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते आए हैं, लेकिन इस बार दोनों के नाम घोषित नहीं हुए हैं।

कब खत्म होगा अमेठी-रायबरेली का सस्पेंस?
कांग्रेस की पारंपरिक सीटों पर बने सस्पेंस को लेकर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। मंगलवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में खड़गे ने कहा- राजनीति में अगर मैं सारे पत्ते खोल दूं तो ये अच्छा नहीं है। कभी-कभी राजनीति में हमें सरप्राइज देना पड़ता है और स्ट्रैटजी बनानी पड़ती है। कांग्रेस सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है। कभी-कभी राजनीति में सरप्राइज देना भी अच्छा होता है।

अमेठी में स्मृति ईरानी ने ढहाया कांग्रेस का किला
उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट 2019 तक कांग्रेस का गढ़ थी। राहुल गांधी 2014 तक तीन बार यहां से जीत चुके थे, लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी ने 49.71 फीसदी वोट हासिल कर राहुल को पहली बार हार का स्वाद चखाया। राहुल को यहां केवल 43.86 प्रतिशत वोट मिले थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार भी अमेठी में स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है।

इलेक्टोरल बॉन्ड में पारदर्शिता जरूरी है: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी के 'अब की बार 400 पार' नारे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अहंकारी प्रचार, विपक्ष को कमजोर करना और यह दर्शाना कि सब कुछ मैं ही हूं, दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनावी बांड स्कीम में पारदर्शिता की कमी का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा- अगर बीजेपी को डोनर्स से ज्यादा चंदा मिलता है तो ठीक है, लेकिन इसमें पारदर्शिता जरूरी है। अगर वह (पीएम मोदी) निष्पक्ष थे, तो उन्हें हर किसी को समान मौका देना चाहिए था। एक डोनर आपको 10,000 रुपए और 1 लाख भी दे सकता है, लेकिन पारदर्शिता होनी चाहिए।

'हमने कई राज्यों में बेहतर प्रदर्शन किया'
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है। कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में (विधानसभा) चुनाव जीतने से कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है। लोगों ने हमने जो गारंटी दी है उसे स्वीकार किया है, जिसका मतलब है कि लोग कल्याणकारी योजनाएं चाहते हैं न कि अन्य चीजें। बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को तक चलेंगे। अमेठी में 5वें चरण के दौरान 20 मई को वोटिंग होगी। मतगणना एकसाथ 4 जून को होनी है।

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