Logo
election banner
Smriti Irani Vs Priyanka Gandhi: ​​​​​​​दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में 20 मई को पांचवें चरण में मतदान होगा। रायबरेली से सत्तारूढ़ भाजपा ने उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है, जो 2019 में सोनिया गांधी से हार गए थे।

Smriti Irani Vs Priyanka Gandhi: उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से भले ही गांधी परिवार ने अपने वफादार किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया हो, लेकिन लड़ाई बड़ी दीदी (स्मृति ईरानी जूबिन) बनाम छोटी दीदी (प्रियंका गांधी वाड्रा) है। अमेठी से मौजूदा सांसद और भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी को हराने के लिए प्रियंका गांधी ने पूरा जोर लगा दिया है। यही वजह है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी वाड्रा हैं, वह मंच के पीछे से लड़ रही हैं। कम से कम भाई (राहुल गांधी) तो सामने था। 

प्रियंका गांधी ने संभाल रखी है अमेठी और रायबरेली में प्रचार की कमान
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दो सीटों- रायबरेली और अमेठी के लिए दिन-रात प्रचार कर रही हैं। दोनों सीटों से गांधी परिवार या उनके सहयोगियों ने प्रतिनिधित्व किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद रही हैं। खुद राहुल गांधी 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से करीब एक लाख वोटों से जीते थे। लेकिन 2019 में वह स्मृति ईरानी से 52 हजार वोटों से हार गए। हालांकि, तत्कालीन कांग्रेस प्रमुख ने केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और इस तरह संसद सदस्य बने रहे। राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इससे पहले उनकी मां सोनिया गांधी अमेठी की सांसद रहीं। 

चल रहे सात चरण के लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी फिर से वायनाड से मैदान में हैं। जहां 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ। कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने उन्हें रायबरेली से अपना उम्मीदवार बनाया। सोनिया गांधी के राज्यसभा चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस बीच कांग्रेस ने किशोरी लाल शर्मा को अमेठी में ईरानी के खिलाफ नामित किया था।

20 मई को अमेठी और रायबरेली में वोटिंग
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में 20 मई को पांचवें चरण में मतदान होगा। रायबरेली से सत्तारूढ़ भाजपा ने उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है, जो 2019 में सोनिया गांधी से हार गए थे। हालांकि वह जीत के अंतर को काफी कम करने में कामयाब रहे।
 

5379487