भाई की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने शरजील को 10 दिन की मोहलत दी है।

नई दिल्ली: दिल्ली दंगों और शाहीन बाग धरने से जुड़े मामलों के आरोपी शरजील इमाम को सोमवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने मानवीय आधार पर शरजील को 10 दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है।

एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई की अदालत ने यह आदेश सुनाते हुए शरजील को जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी है।

​भाई की शादी और बीमार मां की देखभाल का दिया हवाला

​शरजील इमाम के वकीलों ने अदालत में 10 दिनों की अंतरिम रिहाई के लिए अर्जी दाखिल की थी। दलील दी गई कि शरजील के सगे भाई की जल्द ही शादी होने वाली है, जिसमें परिवार के सदस्य के तौर पर उनकी मौजूदगी अनिवार्य है।

इसके साथ ही अदालत को बताया गया कि उनकी मां की तबीयत भी काफी खराब है और घर में उनकी देखभाल करने वाला कोई दूसरा पुरुष सदस्य नहीं है। इन पारिवारिक परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अर्जी स्वीकार कर ली।

​20 मार्च से 30 मार्च तक जेल से बाहर रहेंगे शरजील

​कोर्ट के आदेश के अनुसार, शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च 2026 तक के लिए अंतरिम जमानत दी गई है। इस अवधि के समाप्त होने के बाद उन्हें वापस जेल अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करना होगा। ज्ञात हो कि शरजील इमाम पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने और भड़काऊ भाषण देने जैसे कई गंभीर आरोप हैं, जिसके चलते वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं।

​शाहीन बाग धरना और दिल्ली दंगों में भूमिका के आरोप

​दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया था कि साल 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ शाहीन बाग में हुए सबसे लंबे धरने की रूपरेखा शरजील इमाम ने ही तैयार की थी।

पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों की साजिश रची गई थी। स्पेशल सेल के अनुसार, शरजील ने अल्पसंख्यक संगठनों के बैनर तले छात्रों को एकजुट किया और ओखला व निजामुद्दीन जैसे इलाकों में हजारों पर्चे बंटवाए थे।