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Raghuram Rajan Superpower: भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने 14 अप्रैल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत अगर सुपरपावर बन भी गया तो क्या होगा?

Raghuram Rajan Superpower: भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने एक टीवी चैनल से इंटरव्यू में कहा, 'अगर हम सुपर पावर बन गए तो हम क्या करेंगे, क्या हम ग्लोबल पीस की तरफ जाएंगे या रूस की तरह दूसरों पर हमला करेंगे? अगर हम सुपरपावर बनते हैं तो अच्छा है, लेकिन सवाल ये है कि हम उसके बाद क्या करेंगे?

केजरीवाल मॉडल की तारीफ
रघुराम राजन ने कहा कि 20% आबादी दोयम दर्जे की नागरिक नहीं हो सकती। हम अभी भी बहुत गरीब देश हैं। भारत में सांप्रदायिक विभाजन बढ़ गया है। रघुराम राजन ने यह भी दावा किया कि UPI की शुरुआत उन्होंने की थी, लेकिन आज कुछ लोग इसका श्रेय ले रहे हैं। उनका सीधा हमला केंद्र की मोदी सरकार पर था। उन्होंने दिल्ली में स्कूलों को लेकर केजरीवाल मॉडल की तारीफ की। 

पूर्व गवर्नर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के स्कूलों में अद्भुत काम किया है। अब प्राइवेट स्कूलों के बराबर दिल्ली के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट आता है। सिर्फ देश में भाजपा सरकार की सक्सेज स्टेारी नहीं, अन्य पार्टियों की भी सक्सेज स्टोरी है। 

सोशल मीडिया पर छिड़ी जुबानी जंग
फिलहाल, रघुराम राजन के बयान पर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है। विष्णु वर्धन रेड्डी नाम के एक्स यूजर ने लिखा कि कांग्रेस और उसका पारिस्थितिकी तंत्र कभी भी हमारे देश को विकसित होते नहीं देख सकता और इसके विकास को रोकने के लिए हमेशा बेतुके कारण ढूंढेगा।

वहीं, नीलेश नाम के यूजर ने लिखा कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने केजरीवाल की दिल्ली सरकार और उसके स्कूलों की प्रशंसा की। वह कहते हैं कि भारत को आगे ले जाने के लिए हमें उनसे सभी सर्वोत्तम प्रथाएं सीखनी चाहिए। आज रात भर भक्तों की गाना जलने का इंतेज़ाम हो गया है। 

तब तो अफ्रीकी देशों को ग्रह का...
विनोद कुमार नाम के शख्स ने एक्स पोस्ट में लिखा कि रघुराम राजन के मुताबिक भारत तेज़ गति से इसलिए बढ़ रहा है, क्योंकि हम एक गरीब देश हैं। इस पर विनोद ने लिखा कि उस हिसाब से भारत को लेहरू (जवाहर लाल नेहरू) के समय की कांग्रेस पार्टी को भारत को गरीब बनाए रखने के लिए धन्यवाद देना चाहिए। इसी तर्क से अफ्रीकी देशों को ग्रह पर सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होना चाहिए था। 

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