Special Parliament session: महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में सरकार की 'नीयत' पर सवाल उठाया। विधेयक का समर्थन करते हुए प्रियंका ने कहा कि यह मामला केवल आरक्षण देने का नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाने का है। लेकिन उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से इस बिल को पेश किया जा रहा है और श्रेय की राजनीति हो रही है, उसे देख 'चाणक्य' भी हैरान रह जाते।
'मोतीलाल नेहरू ने रखी थी नींव
प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण के इतिहास का जिक्र करते हुए सत्ता पक्ष को याद दिलाया कि इसकी शुरुआत कांग्रेस ने की थी। उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ दल के साथियों को शायद यह अच्छा न लगे, लेकिन इसकी नींव मोतीलाल नेहरू ने 1928 की रिपोर्ट में ही रख दी थी।" उन्होंने आगे बताया कि 1931 के कराची अधिवेशन में सरदार पटेल की अध्यक्षता में महिलाओं के समान अधिकारों का प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसने भारतीय राजनीति में "एक नागरिक, एक वोट, एक मूल्य" के सिद्धांत को स्थापित किया।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "In 2010, under the leadership of the late Prime Minister Dr Manmohan Singh and UPA Chairperson Sonia Gandhi, the Congress Party again attempted to provide reservation… pic.twitter.com/qo2JO86cbI
— ANI (@ANI) April 16, 2026
राहुल और सोनिया गांधी के प्रयासों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का जवाब देते हुए प्रियंका ने कहा कि बिल को लटकाने का आरोप कांग्रेस पर मढ़ना गलत है। उन्होंने याद दिलाया कि 2010 में डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने राज्यसभा में बिल पास कराया था, लेकिन लोकसभा में आम सहमति नहीं बन पाई थी। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने 2018 में ही प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 2019 तक महिला आरक्षण लागू करने का आग्रह किया था। प्रियंका ने तंज कसा, "प्रधानमंत्री भले ही राहुल गांधी का मजाक उड़ाएं, लेकिन घर जाकर वे उनकी बातों पर विचार जरूर करते होंगे।"
'महिलाओं को गुमराह नहीं कर सकता कोई भी दावा'
प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम मोदी भले ही कहें कि उन्हें क्रेडिट (श्रेय) नहीं चाहिए, लेकिन देश की महिलाएं उनके दावों से गुमराह नहीं होंगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर इरादे साफ थे, तो पिछले 10 वर्षों में इसे लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने राजीव गांधी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कांग्रेस की ही देन है, जिसने जमीन पर महिला नेतृत्व को तैयार किया।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "The provision of 33 per cent reservation in panchayats and municipalities was first introduced in the House by the Indian National Congress government under the… pic.twitter.com/9LPGBVOSAK
— ANI (@ANI) April 16, 2026
लोकतंत्र के लिए बताया ऐतिहासिक कदम
अपने भाषण के अंत में प्रियंका ने कहा कि भारत जैसे देश में महिला आरक्षण लागू करना दुनिया के लिए एक अनूठा उदाहरण है। जहाँ अमेरिका जैसे देशों को वोटिंग के अधिकार के लिए 150 साल संघर्ष करना पड़ा, वहीं भारत ने आजादी के साथ ही बराबरी का सपना देखा था। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के पीछे केवल चुनावी लाभ की मंशा है, तो यह महिलाओं के साथ विश्वासघात होगा।










