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PM Modi Interview: लोकसभा चुनाव से पहले न्यूज एसेंसी एएनआई से प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि हमें स्पीड और स्केल दोनों बढ़ानी हैं।  

PM Modi Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले न्यूज एजेंसी ANI के साथ खास बातचीत की और इस दौरान कई अहम मुद्दों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। मोदी ने कहा कि 2024 के चुनाव मैदान में हम अपने ट्रैक रिकॉर्ड को लेकर गए हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष पुराना टैप रिकॉर्ड लाया है। पीएम मोदी ने 2047 के विजन, इलेक्टोरल बॉन्ड, एलन मस्क से मुलाकात और टेस्ला की भारत में एंट्री पर खुलकर अपने विचार रखे। चुनावी बॉन्ड खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे (विपक्ष) ईमानदारी से सोचेंगे, हर किसी को पछतावा होगा। यहां पढ़ें इस बातचीत के प्रमुख अंश-

पढ़िए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू के प्रमुख अंश... 

सवाल: आपने कई भाषणों में कहा है कि 2024 नहीं, 2047 आपका लक्ष्य है, तो तब तक क्या कुछ होने वाला है क्या यह चुनाव महज एक फॉर्मेलिटी है?
प्रधानमंत्री: मैं कहता हूं कि 2047 देश की आजादी के 100 साल है। ऐसे उत्सव बहुत अलग होते हैं। हर इंस्टीट्यूशन 2024 में अगले 25 साल के लिए लक्ष्य बना लें। 2024 हमारे लिए चुनावी टेन्योर है। लोकतंत्र में यह एक उत्सव है। किसी को भी इसे लाइट नहीं लेना चाहिए। लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि हमारी रगो में लोकतंत्र के सिद्धांत होने चाहिए। 2024 का चुनाव देश के सामने एक अवसर है, कि एक कांग्रेस सरकार का मॉडल है और एक बीजेपी सरकार का मॉडल। उनका 5 से 6 दशक का कार्यकाल और मेरा सिर्फ 10 साल का कार्यकाल। कोई कमियां भी होंगी, तो हम दूर करेंगे। मुझे अपने टेन्योर के 2 साल कोविड की लड़ाई में जाना पड़ा। अगले टर्म में हमें गति भी बढ़ानी है और स्केल भी बढ़ानी है। पहले की राजनीतिक संस्कृति थी कि परिवार को कैसे मजबूत बनाना है, लेकिन मैं देश को मजबूत बना रहा हूं। 2024 के चुनाव मैदान में हम अपने ट्रैक रिकॉर्ड को लेकर गए हैं तो दूसरी ओर विपक्ष पुराना टैप रिकॉर्ड लाया है।

सवाल: आप कहते हैं कि ये तो ट्रेलर है, अभी मैं बहुत कुछ करने वाला हूं। इससे लोग नर्वस होते हैं। आपका 2047 तक का गेम प्लान और विजन क्या है?
प्रधानमंत्री: जब मैं यह कहता हूं, तो किसी को डरने की जरूरत नहीं है। मेरे फैसले किसी को डराने और दबाने के लिए नहीं हैं। यह देश के जनकल्याण और विकास के लिए हैं। ज्यादातर सरकारें कहती हैं कि हमने तो बहुत कुछ कर लिया। मैं नहीं मानता हूं कि मैंने यह पूरा कर लिया। मैंने ज्यादा से ज्यादा सही दिशा में काम करने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी बहुत कुछ बाकी है जिसके लिए मुझे काम करना है। अभी मुझे देश के सपनों को पूरा करना है। जो हुआ है वह अच्छा हुआ है लेकिन आगे जो करना है उसके लिए कहता हूं कि ये ट्रेलर है, मैं बहुत अधिक करना चाहता हूं।

दूसरी बात है कि 2047 को जो विजन है, मैं लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहकर आया हूं। यह मैं व्यक्तिगत रूप से महसूस करता हूं कि बार-बार चुनाव, आचार संहिता लगना और किसी भी राज्य में चुनाव हो, तो मेरे 30 से 40 अच्छे अफसर ऑब्जर्वर बनकर दूसरे राज्यों में जाते थे। 40 से 50 दिन तक वे बाहर रहते थे, तो मुझे यह चिंता रहती थी कि मैं सरकार कैसे चलाऊंगा। जब चुनाव होते थे, तो मैंने इसे वेकेशन के रूप में नहीं लिया। इसीलिए मैं अपने अफसरों को पहले से काम देता हूं कि ये 100 दिन का प्लान है, जिसपर आपको काम करना है।

सवाल: अभी तो चुनाव हुए भी नहीं हैं और आप अगली सरकार के लिए 100 दिन का प्लान बना रहे हैं?
प्रधानमंत्री: दरअसल मैंने क्या किया। मैं पिछले दो साल से 2047 के विजन को लेकर काम कर रहा था। उसके लिए मैंने देशभर से अलग-अलग लोगों और संस्थाओं से सुझाव मांगे। करीब 15 लाख लोगों ने अपने सुझाव हमें भेजे हैं कि वो आने वाले 25 साल में देश को कैसे देखना चाहते हैं। मैंने अलग-अलग यूनिवर्सिटीज, एनजीओ और संगठनों को बोल दिया। फिर जो डेटा मिला, उसके लिए मैंने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद लेकर इसे विषय के मुताबिक अलग-अलग किया। इसमें टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया। मैंने हर विभाग में अफसरों की एक डेडिकेटेड टीम बनाई थी कि इस पर काम कीजिए, कैसे हो सकता है। अगले 25 साल के लिए खुद उनके साथ दो-ढाई घंटे बैठकर प्रेजेंटेशन देखे। मेरे विजन के अनुसार कौन-सी चीजें ड्यूरेबल थीं , उन्हें शामिल किया। 

सवाल: क्या आप इसका थोड़ा सा ट्रेलर बता सकते हैं? 
प्रधानमंत्री: चूंकि आचार संहिता लागू है, इसलिए अभी इसे बताऊंगा तो शायद कोई इसे गलत अर्थ में ले लेगा। मैं इसमें फंसना नहीं चाहता हूं, लेकिन कुछ छुपा हुआ नहीं है। मैं जो डॉक्यूमेंट बना रहा हूं, यह मेरा विजन है, लेकिन इसमें 15 से 20 लाख लोगों के विचारों और उनके सुझावों को शामिल किया गया है।  जैसे ही चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी, तुरंत डॉक्यूमेंट को राज्यों को भेज दिया जाएगा। मैं चाहता हूं कि राज्य उस पर काम करें। इसमें पूरे देश की सरकारें शामिल होंगी। यह कोई भाजपा का काम नहीं है, यह देश का काम है। फिर मैं नीति आयोग की मीटिंग बुलाकर व्यापक चर्चा करूंगा, मुख्यमंत्रियों के भी सुझाव लूंगा और उसमें से एक फाइनल विजन निकलकर सामने आएगा। मैंने अफसरों से भी कहा है कि तीन हिस्सों पर काम करना है। एक बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल कामों को कैसे ले सकते हैं। दूसरा 25 साल का विजन और तीसरा मेरे अगले 5 साल और उसके भी पहले 100 दिन के लिए अफसरों को काम पर लगा दिया है। मैंने 2019 के कार्यकाल में भी 100 दिन का लक्ष्य रखा था। 

सवाल: मोदी की गारंटी के बीच लोग कह रहे हैं कि प्रत्याशी का महत्व नहीं रहा, वोट तो मोदीजी को जा रहा है।
प्रधानमंत्री: चुनाव में शब्दों का चुनाव भी मायने रखता है। आपने देखा होगा कि एक नेता के कई वीडियो बाजार में धूम रहे हैं, जिनके बयान एक दूसरे के विरोधाभाषी हैं। एक नेता कहते हैं कि मैं एक झटके में गरीबी हटा दूंगा। जिम्मेदारी है कि मैं जो बोल रहा हूं। उसकी ओनरशिप ले रहा हूं और गारंटी दे रहा हूं। मैंने कहा था कि 370 हटाऊंगा। हम उसके लिए पक्के मन से लगे हुए थे। तीन तलाक खत्मकर लोगों को राहत दी। लोगों का भरोसा सरकार पर जगा है। मैं भारत के इसी भरोसे को अपनी जिम्मेदारी मानता हूं। इसीलिए बार-बार गारंटी की बात करता हूं।  

सवाल: क्या अब आप ऐसी स्थिति में आ गए हैं, जब बोला जाता था कि इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा, वैसे ही मोदी इज इंडिया और इंडिया इज मोदी। क्या आप उस लेवल पर पहुंचे हैं?
प्रधानमंत्री: ऐसा है कि देश जो कहता है और इसे में खुद भी फील करता हूं। मेरा मन कहता है कि मैं मां भारती का बेटा हूं। लोग कहते हैं कि भारत मां की संतान है, मेरे लिए इतना ही बहुत है।

सवाल: राम मंदिर को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए था, लेकिन हो गया है। कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगा रहे हैं। इसे आप कैसे देखते हैं? 
प्रधानमंत्री: इसका राजनीतिकरण किसने किया। जब हमारी पार्टी पैदा ही नहीं हुआ, उस समय इसे अदालत में लेकर कौन गया। बार-बार इस मुद्दे को भड़काया गया। विपक्ष के लिए ये राजनीतिक हथियार था। अब राम मंदिर बन गया है तो उनके पास कोई मुद्दा बचा ही नहीं। राम मंदिर बना तो कुछ नहीं हुआ, कोई आग नहीं लगी। आपको प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिले और आप उसे ठुकरा दें तो सोचिए आप नए विचारों को ठुकरा कर पुराने विचारों को लेकर चलते हैं। इसीलिए तो मैं कहता हूं कि ये तो नामदार हैं, मैं कामदार हूं। राम मंदिर हमारे लिए राजनीतिक नहीं बल्कि आस्था का विषय है। मैंने प्राण प्रतिष्ठा के लिए खुद को एक राम भक्त के रूप में तैयार किया। इससे पहले यह मेरे लिए 11 दिन की एक दिव्य यात्रा थी।

सवाल: इलेक्टोरल बॉन्ड पर राहुल गांधी और विपक्ष के नेता हर भाषण में कहते हैं कि इसमें धांधली हुई है? 
प्रधानमंत्री: इलेक्टोरल बॉन्ड से तो आपको मनी का ट्रेल मिल रहा है कि इस कंपनी ने दिया, कैसे दिया? इसीलिए मैं कहता हूं कि जब वे (विपक्ष) ईमानदारी से सोचेंगे तो सभी पछताएंगे। हर किसी को पछतावा होगा। (चुनावी बांड को खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर) 

सवाल: एलन मस्क भारत आने वाले हैं, उन्होंने कहा था कि वह आपके प्रशंसक हैं। क्या हम भारत में टेस्ला कार और स्टारलिंक ये सब देखेंगे? 
प्रधानमंत्री: एलन मस्क मोदी के प्रशंसक है, वो अपनी जगह हैं, लेकिन मूलत: वह भारत के प्रशंसक हैं।

सवाल: आप लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र को कैसे देखते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गुट INDI अलायंस की अगुआई कर रही कांग्रेस और इस चुनाव के लिए उसके घोषणापत्र पर जमकर हमला बोला। जिसे उन्होंने पहले "मुस्लिम लीग छाप" कहा था। मोदी ने कहा- यह घोषणापत्र अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से विफल करने वाला है। विपक्ष का घोषणापत्र एक तरह से देश में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की आकांक्षाओं को नष्ट कर देगा।

(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फर्स्ट टाइम वोटर्स और कर दाताओं से भी एक अपील की...वो क्या है? ऊपर दिए गए वीडियो को देखें। )

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