Jewar Airport Guide: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के भव्य उद्घाटन के साथ ही अब करोड़ों यात्रियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यहां से विमानों का व्यावसायिक संचालन कब से शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण के बाद नागरिक उड्डयन विभाग और ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने परिचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
यह हवाई अड्डा न केवल दिल्ली-एनसीआर के हवाई यातायात का बोझ कम करेगा, बल्कि उत्तर भारत के यात्रियों के लिए समय और दूरी की बड़ी बचत भी करेगा। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, उड़ानों का सिलसिला चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट शामिल होंगे।
विमानों का संचालन कब से होगा शुरू?
जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत के लिए अब अंतिम परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी का दौर चल रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, व्यावसायिक उड़ानें अगले कुछ महीनों के भीतर पूरी तरह शुरू कर दी जाएंगी। फिलहाल एयरपोर्ट पर कैलिब्रेशन फ्लाइट्स और लैंडिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
डीजीसीए (DGCA) से अंतिम लाइसेंस मिलते ही एयरलाइंस अपनी बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर देंगी। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में यात्री यहां से अपनी पहली हवाई यात्रा का अनुभव कर सकेंगे। इंडिगो और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस पहले ही यहां से अपनी सेवाएं देने के लिए करार कर चुकी हैं।
किन शहरों के लिए मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी?
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण में घरेलू कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शुरुआत में जेवर को देश के प्रमुख महानगरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे यूपी के महत्वपूर्ण शहरों के लिए भी सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बात करें तो दुबई, सिंगापुर, लंदन और ज्यूरिख जैसे प्रमुख ग्लोबल हब के लिए सीधे विमान भेजने की योजना है। एयरपोर्ट का लक्ष्य है कि पहले दिन से ही यात्रियों को सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिले।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का नया हब
जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी के विविध विकल्प हैं। यह एयरपोर्ट सीधे तौर पर यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली और आगरा से जुड़ा है। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो का विस्तार एयरपोर्ट तक किया जा रहा है।
गाजियाबाद से जेवर तक रैपिड रेल (RRTS) और दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल का भी यहां ठहराव प्रस्तावित है। एयरपोर्ट परिसर के भीतर एकीकृत परिवहन केंद्र बनाया गया है, जहां बस, मेट्रो और टैक्सी की सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। यह व्यवस्था यात्रियों को जाम से बचाकर कम समय में एयरपोर्ट पहुँचने में मदद करेगी।
यात्रियों के लिए विश्व स्तरीय आधुनिक सुविधाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पूरी तरह से डिजिटल और 'स्मार्ट एयरपोर्ट' के तौर पर विकसित किया गया है। यहां यात्रियों को 'डिजी यात्रा' (DigiYatra) की सुविधा मिलेगी, जिससे बिना कागजी दस्तावेजों के फेशियल रिकग्निशन के जरिए बोर्डिंग की जा सकेगी। एयरपोर्ट के भीतर उत्तर प्रदेश की संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
यहां विशाल ड्यूटी-फ्री शॉपिंग एरिया, प्रीमियम लाउंज और होटल की सुविधाएं भी मौजूद होंगी। साथ ही, यह भारत का पहला 'नेट जीरो' उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट है, जिसका मतलब है कि यहां की अधिकांश ऊर्जा सौर पैनलों से आएगी और पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाएगा।