Caste census: केंद्र सरकार ने बुधवार (30 अप्रैल) को बड़ा फैसला लेते हुए आगामी जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स (CCPA) की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।"
राज्यों द्वारा किए गए जाति सर्वेक्षणों के परिणामों का किया गया अध्ययन
इस फैसले से पहले बिहार, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में हुए जाति सर्वेक्षणों के परिणामों का अध्ययन किया गया। हालांकि केंद्र सरकार ने इन राज्यों के तरीकों को 'अवैज्ञानिक' बताया, लेकिन इनसे मिले डेटा ने राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना की जरूरत को रेखांकित किया।
विपक्ष पर साधा निशाना
अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा जाति जनगणना के मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "सरकार का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान विकास सुनिश्चित करना है, न कि किसी विशेष समुदाय को लक्षित करना।"
मेघालय से असम को जोड़ने वाली कॉरिडोर हाईवे को मंजूरी
कैबिनेट ने शिलॉन्ग (मेघालय) और सिलचर (असम) के बीच 166.8 किलोमीटर लंबे 4 लेन हाइवे कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 22,864 करोड़ रुपए होगी।
गन्ने का FRP भी बढ़ाया गया
मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को भी बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 355 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह बेंचमार्क मूल्य है, जिससे नीचे इसे नहीं खरीदा जा सकता है।"