Jammu Kashmir heavy rain: जम्मू-कश्मीर में रविवार (20 अप्रैल) को आसमान से आफत बरसी। कुदरत ने कहर मचा दिया। रामबन के सेरी बागना इलाके में बादल फटने से बाढ़ आ गई। पहाड़ का मलबा गांव की तरफ आ गया। पानी में कई घर बह गए। 3 लोगों की मौत हो गई। कई जगह लैंडस्लाइड की घटना हुई है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है। सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। किश्तवाड़-पद्दर मार्ग भी बंद है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, नाशरी से बनिहाल तक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर कई जगह भूस्खलन और कीचड़ धंसने (मडस्लाइड) की घटनाएं हुईं हैं। दोनों तरफ का यातायात बाधित है। धर्म कुंड गांव में बाढ़ ने 40 घर क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया है। 100 से अधिक ग्रामीण सुरक्षित बचाए गए हैं।
कई घर जमींदोज
जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। बीते 24 घंटों से लगातार भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रामबन जिले के सेरी बागना में रविवार (20 अप्रैल) सुबह अचानक बादल फट गए। बाढ़ आ गई। पहाड़ का मलबा गांव की तरफ आ गया। कई मकान जमींदोज हो गए। तेज बहाव में कई घर बह गए। बनिहाल में लैंडस्लाइड भी हुआ है।
हाईवे पर फंसे सैकड़ों वाहन
आसमान से बरसी आफत के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है। सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। किश्तवाड़-पद्दर मार्ग भी बंद है। अधिकारियों ने मौसम साफ होने के बाद ही हाईवे पर सफर करने की अपील की है।
मलबे में दबी गाड़ियां
लैंडस्लाइड के कुछ वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि पहाड़ का मलबा सड़कों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। एक वीडियो में तीन-चार टैंकर और कुछ अन्य गाड़ियां मलबे में पूरी तरह दबी हुई दिख रही हैं। इसके अलावा होटल और घर भी मलबे से प्रभावित दिख रहे हैं।
पुलिस ने लोगों को निकाला
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धरमकुंड में भारी बारिश के कारण चिनाब नदी के पास एक नाले का पानी गांव में घुस गया। बाढ़ से 10 घर पूरी तरह बर्बाद हो गए। 25-30 घरों को थोड़ा-बहुत नुकसान पहुंचा है। धरमकुंड पुलिस ने इलाके में फंसे 90-100 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।