भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर हलचल तेज हो गई है। द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने वॉशिंगटन जाएगा।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देने के लिए बातचीत का दौर तेज हो गया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्गेई गोर ने जानकारी दी है कि इस महीने के अंत में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन पहुँचेगा।

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुँच बढ़ाना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है। भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर के ऐतिहासिक लक्ष्य तक पहुँचाने का संकल्प लिया है।

​फरवरी के अंतरिम समझौते को मिलेगा विस्तार
राजदूत सर्गेई गोर ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात के बाद बताया कि दोनों देश पहले ही फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो चुके हैं।

अब वॉशिंगटन में होने वाली बैठक में इस समझौते को आगे बढ़ाने और इसे ठोस रूप देने पर चर्चा होगी। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में 'भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल' की शुरुआत की थी, जो दोनों देशों के व्यापारियों के लिए एक सेतु का काम करेगा।

​रणनीतिक संबंधों में आएगी मजबूती 
इस प्रस्तावित दौरे के दौरान भारतीय दल अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाऊ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगा।

बैठक में ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले राजदूत गोर ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया गया था।