जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पूरा देश एकजुट हो चुका है। सभी चाहते हैं कि आतंक और आतंकियों का पूरी तरह से सफाया होना चाहिए। ऐसे में केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, ताकि सभी दलों का विश्वास हासिल किया जा सके। ज्यादातर नेता इस आतंकी घटना की निंदा करके केंद्र सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों का स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ नेता सवाल उठाने से पीछे नहीं हैं। इसी कड़ी में सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने न केवल बीजेपी पर बल्कि सेना पर भी सवाल उठा दिया है। 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मोहम्मद सलीम ने कहा कि आज सीसीएस (सुरक्षा पर कैबिनेट समिति) की बैठक होने वाली है। इस बैठक में निश्चित रूप से पहलगाम हमले की निंदा की जाएगी, लेकिन इसके अलावा उन्हें कुछ और करना चाहिए। लोग गुस्से में हैं, सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से जम्मू कश्मीर की समस्याओं का समाधान हो जाएगा, लेकिन हमने कहा था कि यह इतना आसान नहीं होगा। उन्होंने सवाल पूछा कि घुसपैठ कैसे हो रही है, उन्होंने सेना पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे क्या कर रहे हैं और ऐसी स्थिति क्यों हो रही है। 

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा- देश सर्वोपरि
उधर, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा का कहना है कि हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि देश जवाब देगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसद के तौर पर यही कहना चाहता हूं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष से बड़ा देश है। देश पूरी तरह से एकजुट है। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं किया गया बल्कि यह पूरे देश पर हमला था। उन्होंने कहा कि भारत इसका जवाब देना जानता है और इसका सही जवाब दिया भी जाएगा। 

उमर अब्दुल्ला ने दी ये नसीहत 
उधर, आज सुबह मीडिया से बातचीत में जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम मामले पर राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि जो राजनीति कर रहे हैं, उन्हें यही जवाब देना होगा या तो अगली दुनिया में जाकर जवाब देना होगा। सभी दलों को सर्वदलीय बैठक के लिए बुलाया और किसी ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार नहीं किया। हालांकि उन्होंने कहा कि सभी को ड्यूटी निष्ठा से निभानी होगी ताकि ऐसी घटना न हो सके। 

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