पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (JUP) ने गठबंधन का ऐलान किया है। 25 मार्च को कोलकाता में दोनों पार्टियां एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के नजदीक आते ही राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के साथ मिलकर लड़ेगी।

ओवैसी ने कहा कि वे 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें गठबंधन की रणनीति और सीटों के तालमेल पर विस्तार से चर्चा होगी।

182 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है हुमायूं कबीर की पार्टी
पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने पिछले साल दिसंबर में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हुए 'आम जनता उन्नयन पार्टी' का गठन किया था। कबीर ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने का मन बना लिया है। उनकी पार्टी ने राज्य की 294 सीटों में से 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का लक्ष्य रखा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि कबीर ने ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से उनके खिलाफ एक मुस्लिम उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है, जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

हुमायूं कबीर की विवादास्पद बयान
अपनी नई पार्टी की घोषणा के साथ ही हुमायूं कबीर अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी ही एक भव्य मस्जिद के निर्माण का संकल्प लिया है। कबीर के अनुसार, इस परियोजना के लिए फंड जुटाने का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी और कबीर का यह गठबंधन विशेष रूप से अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में टीएमसी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकता है।

कबीर दो सीटों से लड़ेंगे चुनाव
हुमायूं कबीर की पार्टी ने बुधवार को अपने 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कबीर खुद मुर्शिदाबाद जिले की दो विधानसभा सीटों- रेजीनगर और नौदा से चुनावी मैदान में उतरेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी पिछली जीत वाली सीट 'भरतपुर' को छोड़ दिया है। गठबंधन के तहत AIMIM को कितनी सीटें मिलेंगी, इसका खुलासा 25 मार्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस में होने की उम्मीद है, लेकिन संकेतों के मुताबिक ओवैसी की पार्टी कुछ चुनिंदा प्रभावशाली सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।

बंगाल चुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी। ओवैसी की एंट्री और हुमायूं कबीर के साथ उनके गठबंधन ने बंगाल के चुनावी समीकरणों को और भी जटिल बना दिया है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की धड़कनें तेज हो गई हैं।