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Nail Biting: कई लोगों को नाखून चबाने की आदत होती है। ये आदत आपको बीमार करने के लिए काफी है। इससे कई शारीरिक समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

Nail Biting: नर्वसनेस, स्ट्रेस या बोरियत में नाखून चबाने की आदत बहुत से लोगों में देखी जाती है। अक्सर लोग इसे मामूली आदत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे सेहत पर भारी पड़ सकती है। खास बात यह है कि नाखून चबाने से सिर्फ हाथों की सुंदरता ही नहीं बिगड़ती, बल्कि शरीर के अंदर तक इसका असर पहुंचता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स अनुसार नाखूनों में गंदगी, बैक्टीरिया और कीटाणु आसानी से जमा हो जाते हैं। जब आप नाखून चबाते हैं, तो ये हानिकारक बैक्टीरिया सीधे मुंह और पेट तक पहुंच जाते हैं। लंबे समय तक यह आदत बनी रहे, तो कई गंभीर परेशानियां शुरू हो सकती हैं, जिनका इलाज बाद में मुश्किल हो जाता है।

नाखून चबाने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं

पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं
नाखूनों के नीचे मौजूद बैक्टीरिया और फंगस पेट में जाकर संक्रमण फैला सकते हैं। इससे गैस, पेट दर्द, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कमजोर पाचन वाले लोगों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है।

दांत और मसूड़ों को नुकसान
लगातार नाखून चबाने से दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) कमजोर हो सकती है। इससे दांत जल्दी घिसने लगते हैं और सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। साथ ही मसूड़ों में सूजन, दर्द और ब्लीडिंग की समस्या भी हो सकती है।

संक्रमण और फंगल इंफेक्शन का खतरा
नाखून चबाने से त्वचा पर छोटे-छोटे कट लग जाते हैं, जिनसे बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे पैरॉनाइकिया (नाखून के आसपास इंफेक्शन), सूजन और पस बनने की समस्या हो सकती है। कई बार यह इंफेक्शन गंभीर रूप भी ले सकता है।

मानसिक तनाव और एंजाइटी बढ़ना
नाखून चबाने की आदत अक्सर मानसिक तनाव, चिंता और एंग्जायटी से जुड़ी होती है। यह आदत तनाव कम करने के बजाय उसे और बढ़ा सकती है। धीरे-धीरे यह एक अनकंट्रोल्ड बिहेवियर बन जाती है, जिससे आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है।

हाथों की सुंदरता और आत्मविश्वास पर असर
चबाए हुए नाखून देखने में खराब लगते हैं। इससे हाथों की सुंदरता कम होती है और कई बार लोग पब्लिक में हाथ दिखाने से भी कतराने लगते हैं। यह आदत पर्सनैलिटी और कॉन्फिडेंस दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है।

कैसे पाएं इस आदत से छुटकारा?

नाखून छोटे रखें, स्ट्रेस कम करने के लिए योग-मेडिटेशन करें और जरूरत हो तो कड़वे टेस्ट वाली नेल पॉलिश का इस्तेमाल करें। अगर आदत ज्यादा गंभीर हो, तो एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर होता है।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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