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Air Pollution Effect on Asthma : वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसका असर न केवल हमारे पर्यावरण पर बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं अस्थमा के मरीज। वायु में मौजूद प्रदूषित तत्व अस्थमा के मरीजों के लिए सांस लेना तक मुश्किल कर देते हैं और उनके स्वास्थ्य को और खराब कर सकते हैं। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि, अस्थमा के मरीज पॉल्यूशन से कैसे बच सकते हैं और अपनी सेहत का कैसे ध्यान रख सकते हैं।
मास्क लगाकर बाहर निकलें
अस्थमा के मरीजों के लिए मास्क पहनना बहुत जरूरी है, खासकर जब वे घर से बाहर निकलते हैं। मास्क का प्रयोग करें जो हवा में मौजूद छोटे-छोटे प्रदूषक कणों को कम कर सके। मास्क पहनने से आप धूल, धुआं और अन्य हानिकारक तत्वों से बच सकते हैं, जिससे आपकी सेहत पर कम प्रभाव पड़ेगा।
बाहर जाने का समय तय करें
वायु प्रदूषण का स्तर सुबह और शाम के समय में अधिक होता है, खासकर सर्दियों के मौसम में ऐसा होता है। अस्थमा के मरीजों को कोशिश करनी चाहिए कि वे इस वक्त बाहर जाने से खुद को बचा सके। यदि बाहर जाना जरूरी है, तो दोपहर में या कम प्रदूषित समय का चयन करें। इसके अलावा, मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले प्रदूषण के स्तर के हिसाब से बाहर जाने की कोशिश करें।
प्राकृतिक उपायों का सहारा लें
अस्थमा के मरीज अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राकृतिक उपायों का सहारा ले सकते हैं। अदरक, हल्दी, तुलसी और शहद जैसी चीजें श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती हैं और प्रदूषण के प्रभाव से बचाने में सहायक होती हैं। तुलसी के पत्तों का सेवन, अदरक की चाय और हल्दी वाला दूध आदि, अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
वायु प्रदूषण अस्थमा के मरीजों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है, लेकिन कुछ सावधानियां और सही उपाय अपनाकर इसे कम किया जा सकता है। मास्क का उपयोग, प्राकृतिक उपाय और प्राणायाम का सहारा लेकर अस्थमा के मरीज वायु प्रदूषण से बच सकते हैं और अपनी सेहत को बनाए रख सकते हैं। प्रदूषण के दौरान विशेष सतर्कता रखें और अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें।
