Mint Plantation: पुदीना (Mint) एक सुगंधित और औषधीय पौधा है जो भारतीय रसोई में स्वाद और ताजगी का खास हिस्सा है। यह न सिर्फ चटनी, पेय और सलाद में इस्तेमाल होता है, बल्कि इसके औषधीय गुण पाचन सुधारने, सांसों की बदबू दूर करने और त्वचा को ठंडक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। बाजार से बार-बार ताजा पुदीना खरीदना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, लेकिन अच्छी बात ये है कि इसे घर में आसानी से उगाया जा सकता है।
घर में पुदीना उगाना न केवल आसान है, बल्कि यह कम जगह में भी पनप सकता है—चाहे वह गमला हो, बालकनी, या छत का कोना। पुदीना एक ऐसा पौधा है जो तेजी से फैलता है और थोड़ी-सी देखभाल में हरा-भरा बना रहता है। इसके लिए ना तो किसी विशेष मिट्टी की जरूरत होती है, और ना ही रोज-रोज खाद डालने की। आइए जानें कि घर में पुदीना कैसे उगाएं और उसकी देखभाल कैसे करें।
पुदीना उगाने की विधि
कटिंग से पुदीना लगाना: पुदीना लगाने के लिए आप बाजार से ताजा पुदीने की कुछ टहनियां ले आएं। उन टहनियों से पत्ते हटा दें और केवल 4–5 इंच लंबी डंठलें रखें। अब इन्हें एक गिलास पानी में डालें और 3–5 दिन तक ऐसी जगह रखें जहां थोड़ी रोशनी आती हो। जब इन टहनियों में जड़ें निकलने लगें, तब इन्हें मिट्टी में लगाएं।
मिट्टी और गमले का चुनाव: पुदीना को हल्की, भुरभुरी और अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी पसंद होती है। इसके लिए 1 भाग मिट्टी, 1 भाग रेत और 1 भाग गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं। गमला ऐसा चुनें जिसमें नीचे जल निकासी के छेद हों ताकि पानी जमा न हो।
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पौधा रोपण और स्थान: जड़ निकल चुकी टहनियों को 2-3 इंच की गहराई में लगाएं और हल्का पानी दें। पुदीना को ऐसी जगह रखें जहां उसे दिन में 3-4 घंटे की धूप मिले और बाकी समय छाया रहे। बहुत तेज धूप से पत्ते जल सकते हैं।
पानी और देखभाल: पुदीने को नियमित रूप से पानी देना ज़रूरी है लेकिन अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं। गर्मियों में रोजाना हल्का पानी दें और ध्यान रखें कि मिट्टी सूखी न हो। हर 15 दिन में वर्मी कम्पोस्ट या रसोई का जैविक कचरा खाद के रूप में डाल सकते हैं।
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कटाई और उपयोग: जब पौधा घना हो जाए और 5–6 इंच तक बढ़ जाए, तब उसकी कटाई शुरू करें। ऊपर की पत्तियां तोड़ते रहें ताकि पौधा नीचे से भी घना हो। ताजे पत्ते चाय, चटनी, पेय और अन्य व्यंजनों में तुरंत इस्तेमाल किए जा सकते हैं।