A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
Walking Health Tips: अपनी हेल्थ और फिटनेस को लेकर कॉन्शस अधिकांश लोग वॉकिंग जरूर करते हैं। लेकिन वॉकिंग को अगर सही तरीके से और अलग-अलग रूपों में किया जाए तो इससे कई तरह के फायदे मिलते हैं। विभिन्न स्टडीज और दुनिया के कई एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर हम यहां आपको बता रहे हैं, डिफरेंट टाइप की वॉकिंग और इसके फायदों के बारे में।
लगभग सभी डॉक्टर्स, शरीर को फिट रखने के लिए नियमित रूप से वॉक करने का सुझाव देते हैं। हेल्थ कॉन्शस लोग खुद के लिए रोजाना 10,000 स्टेप्स का लक्ष्य रखते हैं। ऐसी धारणा है कि दिन में लोगों को कम से कम 2200 स्टेप तो जरूर चलना ही चाहिए।
क्या कहती हैं स्टडीज
हाल ही में प्रकाशित ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन की रिपोर्ट कहती है कि दिन के 2200 स्टेप्स चलना, हार्ट से जुड़ी बीमारियों और डायबिटीज का जोखिम कम कर सकता है। साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि डेली 9000 स्टेप्स ज्यादा कारगर साबित होते हैं। लेकिन सिर्फ ज्यादा स्टेप काउंट वाली वॉकिंग से ही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम नहीं होता है। वॉकिंग के प्रकार और फायदों के बारे में जानना जरूरी है।
हार्ट की होती है एक्सरसाइज
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कीथ बार का कहना है कि वॉकिंग की शुरुआत में कदम गिनना अकसर मददगार होता है लेकिन जब एक बार आपकी आदत 6 हजार से 8 हजार कदमों तक पहुंच जाए तो चलने की गति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार चलने से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे पैरों से ब्लड हार्ट तक पहुंचता है। इससे हार्ट पर जोर पड़ता है। यानी वॉकिंग करने से समय के साथ आपका हृदय मजबूत और एक्टिव बनता है। तेज चलने का मतलब अधिक कैलोरी घटना नहीं बल्कि हार्ट को मजबूत करना होता है। घर से बाहर जब आप प्रकृति के करीब वॉक करते हैं तो आपका तनाव भी घटता है।
ब्रेन बनता है फिट-कूल
तेज गति से वॉक करने की प्रक्रिया पूरे शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के फ्लो को बढ़ाती है। ‘वॉक योर वे कॉम’ पुस्तक की लेखिका जेनिफर वाल्स कहती हैं, जैसे ही आप चलना शुरू करते हैं, मस्तिष्क में ब्लड फ्लो बढ़ना शुरू हो जाता है। यह न केवल दिमाग को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है बल्कि नियमित वॉक से फील गुड हार्मोन एंडोर्फिन भी रिलीज होता है, जो डिप्रेशन और एंग्जायटी को कम करने में मददगार होता है।
करें डिफरेंट टाइप वॉकिंग
वॉकिंग करने में सबसे अच्छा फायदा यह है कि इसके साथ कई तरह के प्रयोग किए जा सकते हैं। आइए अलग-अलग एक्सपर्ट्स से जानते हैं डिफरेंट टाइप की वॉकिंग और उनसे मिलने वाले फायदे के बारे में।
इम्यूनिटी बढ़ाए टच वॉक
जब हम पेड़-पौधों को रोज टच करते हुए वॉक करते हैं तो न सिर्फ हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है बल्कि हमें मानसिक शांति भी मिलती है। अमेरिकी वैज्ञानिक और थेरेपी एक्सपर्ट व्हिटनी कुल्टर इसकी वजह बताते हैं। उनके अनुसार, ‘वॉक करते समय पेड़-पौधों को टच करना इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि उन पर मौजूद धूल में पाए जाने वाले बैक्टीरिया हमारे शरीर में इन्फ्लेमेशन को घटाते हैं और तनाव कम करते हैं।’
लेग्स एक्सरसाइज के लिए हिल वॉक
चढ़ाई वाले रास्तों पर चलना भी बहुत फायदेमंद होता है। शुरू-शुरू में सामान्य गति से ही हिल वॉक करें लेकिन धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने का प्रयास करें। जब आपकी गति बढ़ जाए तो इसके बाद आप हिल यानी वास्तविक चढ़ाई वाले रास्तों पर पैदल चलना शुरू करें। पहाड़ों पर चढ़ाई करना अपनी फिटनेस को मेंटेन करने का एक अच्छा तरीका है। सपाट रास्ते पर 12 या 15 हजार स्टेप चलने से बेहतर है कि आप चढ़ाई वाले रास्तों पर चलें। ब्रिटिश माउंटेनियरिंग काउंसिल के अनुसार, इस दौरान शरीर क्या महसूस कर रहा है और कौन-सी मांसपेशी पर ज्यादा जोर पड़ रहा है, उसे महसूस करें। कुछ मिनट के लिए ढलान पर उतरें और फिर चढ़ें। इससे पीठ, कमर, पैर, अंगुलियों, कंधों और पिंडलियों तक की बहुत अच्छी एक्सरसाइज होती है।
मूड बेहतर करे सेंट वॉक
‘जॉब फ्रॉम फियर’ की लेखिका और क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट कार्लो मेरी मैनली कहती हैं कि जब हम अपना ध्यान किसी स्पेसिफिक सेंसर जैसे कि वातावरण में उपस्थित महक पर लगाते हैं तो हम स्वाभाविक रूप से वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हैं। सेंट वॉक का अनुभव हमें दिमागी भाग-दौड़ से दूर करता है, इससे तनाव घटता है और मूड बेहतर बनता है।
मेडिटेशन में हेल्पफुल स्पिरिट वॉक
चलते हुए ध्यान लगाने में स्पिरिट वॉक मददगार होता है। आस-पास सैकड़ों लोगों के मौजूद होने के बावजूद खुद अपने भीतर प्रकृति से बात करना पूजा करने जैसा महसूस होता है। स्पिरिट वॉक करने के लिए चलते समय सांसों और कदमों पर ध्यान लगाएं। इससे कुछ देर बाद आप माइंडफुलनेस की स्थिति में पहुंच जाएंगे। इसके बाद आप प्रार्थना कर सकते हैं या फिर जो भी आपके पास उपलब्ध हो, उसके लिए ईश्वर के प्रति आभार जता सकते हैं। इससे आपको सुकून मिलेगा।
हार्ट रेट इंप्रूव करे रकिंग वॉक
नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन की डॉक्टर सादिया खान सलाह देती हैं कि चलने की तीव्रता को और अधिक बढ़ाने के लिए बैकपैक में अपनी क्षमता के अनुसार कुछ वजन लेकर चलना शुरू करें। इसे रकिंग कहते हैं। यानी कुछ भारी समान अपनी पीठ पर लेकर चलने की आदत डालें। इससे वॉकिंग के दौरान आपका हार्ट रेट बढ़ेगा, जो हार्ट की क्षमता को बेहतर करता है। हालांकि रकिंग शुरू करने से पहले एक्सपीरियंस्ड ट्रेनर से इसकी ट्रेनिंग जरूर लेनी चाहिए।
अनेक स्टडीज और दुनिया के कई एक्सपर्ट्स की राय से साबित होता है कि आप डिफरेंट टाइप की वॉकिंग से ही अपनी फिटनेस को काफी हद तक मेंटेन रख सकते हैं।
