Rajpal Yadav: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों 9 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। 16 फरवरी को उन्हें इस मामले में अंतरिम जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद अब उन्होंने पहली बार इंडस्ट्री से मिली मदद पर खुलकर बात की है, लेकिन मदद करने वालों के नाम बताने से साफ इनकार कर दिया।
‘मुझे सहानुभूति नहीं चाहिए’
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि जब राजपाल यादव कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे थे, तब बॉलीवुड के कुछ सितारों ने आर्थिक मदद की पेशकश की। इसमें सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे नाम भी सामने आए।
हालांकि, हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान राजपाल ने कहा कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए वह बहुत संभलकर बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह खबर 2012 में पहली बार मीडिया में आई थी। तब सुर्खियां बनीं कि ‘राजपाल यादव फ्रॉड हैं’। अगर मैं सच में ऐसा होता, तो क्या लोग मेरे साथ काम करते रहते? इंडस्ट्री को यह साबित करने की जरूरत नहीं कि वह मेरे साथ है। मुझे भरोसा है कि सब मेरे साथ खड़े हैं।”
जब उनसे सीधे पूछा गया कि किसने और कितनी आर्थिक मदद की, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे जो भी मदद मिली है, उसका मैं सम्मान करता हूं, लेकिन मैं किसी की सहानुभूति नहीं चाहता।”

फिल्म हुई फ्लॉप और 9 करोड़ के कर्ज में डूबे राजपाल
यह मामला करीब एक दशक पुराना है। साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' के लिए दिल्ली की एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद वह लोन नहीं चुका सके।
बताया जाता है कि इस दौरान उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। 2 फरवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया, क्योंकि उन्होंने अदालत को बताया था कि फिलहाल वह रकम चुकाने में सक्षम नहीं हैं। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। 16 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।









