Palash Muchhal: गायक पलाश मुच्छल को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें ₹10 करोड़ के मानहानि मामले में अंतरिम राहत दी है। इस मामले में धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले विद्यान माने (Vidnyan Mane) को बॉम्बे हाईकोर्ट ने विवाद के दौरान उनके खिलाफ कोई भी बयान देने या प्रकाशित करने से तुरंत रोके जाने का आदेश दिया है।
रंगे हाथों पकड़े गए थे पलाश- विद्यान के आरोप
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कुछ महीनों पहले पलाश मुच्छल की शादी भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) से रद्द होने के बाद, विद्यान माने ने सोशल मीडिया और मीडिया में गंभीर आरोप लगाए। माने ने दावा किया कि शादी के दौरान पलाश उन्हें धोखा दे रहे थे और उन्हें किसी अन्य महिला के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पलाश ने 40 लाख रुपये की ठगी की है और उन्होंने सांगली में शिकायत दर्ज कराई है।
पलाश को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे कथित अपमानजनक बयान किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अदालत ने तत्काल आदेश देते हुए माने को पलाश के खिलाफ कोई भी बयान देने या प्रकाशित करने से रोक दिया, जब तक कि आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पलाश के वकील श्रेयांश मिथारे ने कहा कि यह निर्णय उनके मुवक्किल के लिए महत्वपूर्ण और बड़ी राहत है। उन्होंने बताया कि अदालत का आदेश झूठे और अपमानजनक दावों को तुरंत रोकता है और विवाद के बीच निष्पक्षता बहाल करने में मदद करता है।
पलाश ने आरोपों पर जारी किया था बयान
पलाश मुच्छल ने भी अपने आधिकारिक बयान में माने के आरोपों को ‘भ्रामक और तथ्यहीन’ करार दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से लिखा कि इन आरोपों का उद्देश्य केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










