Sridevi: दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को लेकर उनकी बेटी जान्हवी कपूर ने चौंकाने वाला खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां को अपने जीवन में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और उन बातों का असर उनके मानसिक स्थिति पर भी पड़ा था।
मां के जाने का दर्द अब भी कायम
राज शमानी के पॉडकास्ट में बात करते हुए जान्हवी ने कहा, "मैं अपने मन की उथल-पुथल से, अपने अंदर के संघर्ष से बचने की कोशिश करती हूं। उन भावनाओं से जिनसे मैंने अभी तक निपटा नहीं है, उन आघातों से जिनसे मैं अभी तक उबर नहीं पाई हूं। सबसे बड़ा सदमा मेरी मां को खोना था, खासकर जिस तरह से मैंने यह सब झेला, पूरी दुनिया के सामने और उस दौर से गुजरना।" उन्होंने कहा, “मैं आज भी उस दर्द से उबर नहीं पाई हूं। मां के बिना सब कुछ अलग हो गया है।”

'मां को लोग घर तोड़ने वाली कहते थे'
जान्हवी ने श्रीदेवी के एक पुराने इंटरव्यू को भी याद किया, जिसमें दिवंगत अभिनेत्री ने अपनी कमजोरियों और हिंदी फिल्म उद्योग में गंभीरता से लिए जाने की अपनी इच्छा के बारे में खुलकर बात की थी। इस पर जान्हवी ने कहा, “मैंने उनका वह सफर देखा है। जब वह जीवित थीं, तब लोग उनके प्रति दयालु नहीं थे। उन्हें घर तोड़ने वाली और न जाने क्या-क्या क्रूर बातें कही जाती थीं। इन बातों का उन पर गहरा असर पड़ा और उन्हें बुरा लगा, लेकिन इतिहास गुजर चुके लोगों के प्रति दयालु होता है।”
अब जाकर समझ आई मां की बात
उन्होंने आगे कहा - “अब मैं उन्हें समझती हूं। और मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं उन्हें पहले नहीं समझ पाई। उनका नजरिया मुझसे बिल्कुल अलग था, जब मैं बच्ची थी तब मेरा नजरिया पेशेवर, आर्थिक और अन्य चीजों को देखने के तरीके से बिल्कुल अलग था। उन्होंने चार साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने संघर्षों की कहानियां हमसे साझा नहीं कीं। वह सिर्फ खुशियों भरी कहानियां ही सुनाती थीं।”

अचानक लेनी पड़ी जिम्मेदारियां
जान्हवी ने बताया कि वह अपनी मां पर हर छोटी-बड़ी बात के लिए निर्भर रहती थीं, लेकिन उनके निधन के बाद उन्हें अचानक खुद फैसले लेने पड़े। इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने कुछ गलत फैसले भी लिए।
उन्होंने kue कि उस कठिन समय में उन्होंने कुछ ऐसे लोगों पर भरोसा किया, जो उनके लिए सही नहीं थे। लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें मजबूत बनाया और जिंदगी को समझने का नया नजरिया दिया।









