Ghooskhor Pandat row: बॉलीवुड निर्देशक नीरज पांडे (Neeraj Pandey) की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत (Ghooskhor Pandat) को लेकर हाल ही में बड़ा विवाद खड़ा हुआ। फिल्म के टाइटल को विशेष समुदाय को अपमानित करने के आरोप में मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा जिसपर अब नया मोड़ आया है।
विवाद के बाद घूसखोर पंडत के डायरेक्टर नीरज पांडे ने फिल्म का टाइटल पर बदलने की पुष्टि की है। इसके बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका को निपटा दिया।
Filmmaker Neeraj Pandey tells SC that he has withdrawn title and publicity material of 'Ghuskhor Pandat', new title not yet finalised.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 19, 2026
SC takes on record filmmaker Neeraj Pandey's affidavit on withdrawal of title of 'Ghuskhor Pandat', disposes of plea against movie. pic.twitter.com/lcTYC6aGaI
नीरज पांडे ने टाइटल वापस लेने की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति बी.वी नागरत्न और उज्ज्वल भुईयां ने सुनवाई की जिसमें उन्होंने निर्देशक नीरज पांडे का हलफनामा स्वीकार कर लिया। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, नीरज ने हलफनामे में लिखा, “मैं आदरपूर्वक प्रस्तुत करता हूं कि पहले वाला शीर्षक ‘घूसखोर पंडत’ स्पष्ट रूप से वापस लिया गया है और इसे किसी भी रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि नया शीर्षक अभी फाइनल नहीं हुआ है, मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि भविष्य में चुना जाने वाला कोई भी शीर्षक पुराने शीर्षक जैसा या उससे प्रेरित नहीं होगा।”
Neeraj Pandey, the producer of the upcoming film ‘Ghooskhor Pandat’ starring actor Manoj Bajpai has withdrawn the tile of the film along with released trailers and other promotional material under the said title in compliance of the Supreme Court’s direction. In his affidavit… pic.twitter.com/BqIvwCpnsa
— ANI (@ANI) February 19, 2026
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में चुना जाने वाला कोई भी शीर्षक फिल्म की कहानी को सही रूप से दर्शाएगा और उन मुद्दों से बचेंगे जिन्होंने विवाद उत्पन्न किया था। नेरज पांडे ने कहा, “भविष्य में किसी भी शीर्षक का चयन ऐसा होगा जो पुराने शीर्षक जैसा न हो और कहानी को सही ढंग से प्रतिबिंबित करे।”
'किसी भी समुदाय को बदनाम नहीं कर सकते'- सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले 12 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने शीर्षक को लेकर सार्वजनिक चिंता को नोट किया था। बेंच ने स्पष्ट किया था कि रचनात्मक स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि किसी समुदाय का अपमान या हानि हो। न्यायालय ने कहा कि कला और फिल्म उद्योग में सामाजिक जिम्मेदारी के साथ रचनात्मक स्वतंत्रता का संतुलन होना चाहिए। याचिका में फिल्म के नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
फिल्म की कहानी और कास्ट
घूसखोर पंडत एक फिक्शनल क्राइम ड्रामा है, जिसमें मनोज पाजपेयी एक नैतिक रूप से जटिल पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी एक भ्रष्टाचार और साजिश के जाल में उलझे इस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें सस्पेंस और एक्शन का मिश्रण है।
फिल्म में नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबरॉय और दिव्या दत्ता भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।









